मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की प्रमुख Ladli Behna योजना को “बहुत महंगा सौदा” बताया है। भोपाल के रवींद्र भवन में बुंदेली समागम के दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस पर इतना भारी वित्तीय बोझ आएगा।
दरअसल, छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री से पूछा था कि “जीजियों” (बहनों) के लिए तो बहुत कुछ किया, लेकिन उनकी “बिन्नुओं” (बेटियों) के लिए सरकार क्या करेगी। इस पर हल्के-फुल्के अंदाज में CM ने कहा, “तुम्हें नहीं पता, Ladli Behna बहुत महंगी पड़ गई।”
हालांकि, मुख्यमंत्री ने साथ ही यह भी साफ किया कि “बहनों के लिए कोई दिक्कत नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि योजना ₹1,000 महीने से शुरू हुई थी और अब ₹1,500 तक पहुंच गई है। बिन्नू रानी से उन्होंने कहा कि वे अभी Ladli Behna के लिए बहुत छोटी हैं — थोड़ी बड़ी होने पर उन्हें भी लाभ मिलेगा।
₹1,000 से ₹1,500 तक का सफर
Ladli Behna योजना जून 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू हुई थी। तब महिलाओं को ₹1,000 महीना मिलता था, जो बाद में ₹1,250 और नवंबर 2025 में ₹1,500 हो गया। 13 सितंबर को सरकार ने 40वीं किस्त के रूप में ₹1,835 करोड़ ट्रांसफर किए, जिससे कुल भुगतान ₹65,395 करोड़ से ज्यादा हो गया।
मौजूदा ₹1,500 मासिक सहायता पर योजना की सालाना लागत करीब ₹22,680 करोड़ आंकी गई है।
घट रही लाभार्थियों की संख्या
इस बीच, लाभार्थियों की संख्या घट रही है — अक्टूबर 2023 में 1.31 करोड़ से घटकर अब करीब 1.25 करोड़ रह गई है। 6.25 लाख से ज्यादा महिलाएं 60 साल की उम्र, निधन या पात्रता नियमों के कारण बाहर हो गई हैं।
CM के बयान पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने पूछा कि क्या BJP सरकार बिना विश्लेषण के योजनाएं लाती है, जबकि विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि वोट Ladli Behna से लिए और अब खर्च ज्यादा बता रहे हैं।
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