मध्य प्रदेश में रिकॉर्डतोड़ ठंड, इंदौर में 4.1 डिग्री पर पहुंचा पारा; शीतलहर से जनजीवन प्रभावित

भोपाल/इंदौर:
मध्य प्रदेश में इस समय सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आज 19 दिसंबर 2025 को प्रदेश के कई शहरों में इस सीजन की अब तक की सबसे भीषण ठंड दर्ज की गई। खासतौर पर इंदौर में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया।
मौसम विभाग के अनुसार, इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। सुबह के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग अलाव व हीटर का सहारा लेते दिखे। ठंडी हवाओं के चलते खुले इलाकों में ठिठुरन और ज्यादा महसूस की गई।
भोपाल, ग्वालियर और अन्य शहरों में भी सर्दी का असर
राजधानी भोपाल में भी ठंड का असर साफ दिखाई दिया। यहां न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सुबह-सुबह कोहरे और सर्द हवाओं के कारण लोगों को दफ्तर और स्कूल जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्वालियर-चंबल अंचल इस समय प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल है। यहां तापमान 6 से 8 डिग्री के बीच रहा, जिससे शीतलहर का प्रभाव ज्यादा महसूस किया गया। वहीं उज्जैन में न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री, जबकि जबलपुर में लगभग 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतलहर और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाएं और जेट स्ट्रीम के असर के कारण प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और यातायात प्रभावित हुआ।
हाईवे और प्रमुख सड़कों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा। कुछ इलाकों में ट्रेन और बस सेवाओं पर भी ठंड और कोहरे का असर देखा गया।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। खासकर रात और सुबह के समय तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। कई जिलों के लिए शीतलहर अलर्ट जारी किया गया है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
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गर्म कपड़े पहनें और खुले में ज्यादा देर न रुकें
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बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
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सुबह-शाम ठंडी हवाओं से बचें
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कोहरे में वाहन चलाते समय फॉग लाइट और धीमी रफ्तार का इस्तेमाल करें
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में सर्दी अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर और गहराने की आशंका है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।





