महाकाल भक्तों के लिए जरूरी खबर: 25 दिसंबर से भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग बंद, जानिए दर्शन की नई व्यवस्था
महाकाल भक्तों के लिए जरूरी खबर: 25 दिसंबर से भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग बंद, जानिए दर्शन की नई व्यवस्था

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष 2026 को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नए साल पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
25 दिसंबर से 10 दिन तक बंद रहेगी ऑनलाइन बुकिंग
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने जानकारी दी है कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह बंद रहेगी। इस अवधि में श्रद्धालु वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से भस्म आरती की बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि नववर्ष पर करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन आने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
ऑफलाइन बुकिंग से मिलेगी भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति
ऑनलाइन बुकिंग बंद होने के बाद अब जो श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होगी। इसके लिए मंदिर परिसर में बनाए गए काउंटर की खिड़की पर आवेदन देना होगा। यहीं से श्रद्धालुओं को भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
चलित भस्म आरती से भी कर सकेंगे दर्शन
ऑनलाइन बुकिंग बंद होने से श्रद्धालुओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। मंदिर समिति ने इन 10 दिनों के लिए चलित भस्म आरती दर्शन की विशेष व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
श्रद्धालु देर रात मंदिर परिसर में लाइन में लगेंगे और नंदी हॉल के ऊपर लगाए गए बैरिकेड्स से चलित रूप में भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे।
हजारों श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
फिलहाल सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 1800 श्रद्धालु ही भस्म आरती के दर्शन कर पाते हैं, लेकिन चलित व्यवस्था लागू होने से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने का सौभाग्य मिलेगा।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण बेहतर होगा और अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।





