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Mayawati ने Akash Anand को फिर बनाया BSP National Convenor

Dainik R Times
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने सोमवार, 5 अक्टूबर को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी का नेशनल कन्वेनर फिर से नियुक्त कर दिया। इस तरह Akash Anand BSP में तीसरी बार बड़ी जिम्मेदारी के साथ लौटे हैं। मायावती ने X पर ऐलान करते हुए कहा कि यह फैसला संगठन और आंदोलन दोनों के हित में लिया गया है।

बहाली के तुरंत बाद आकाश आनंद ने X पर मायावती का आभार जताया। उन्होंने पार्टी में दोबारा काम करने का मौका देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। मायावती ने कहा कि आकाश की पार्टी में लौटने की हालिया इच्छा और BSP सदस्यों व उनके परिवार के विचारों को ध्यान में रखकर यह निर्णय हुआ।

Akash Anand BSP से कब-कब हुए थे बाहर

यह पहला मौका नहीं है जब आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किया गया हो। मायावती ने 3 सितंबर को उन्हें नेशनल कन्वेनर के अहम पद से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया था। मायावती का कहना था कि आकाश ने पार्टी से ज्यादा परिवार और निजी हितों को तरजीह दी थी। यह तीसरी बार था जब BSP प्रमुख ने अपने भतीजे को पार्टी से हटाया।

अब वापसी की वजह बताते हुए मायावती ने कहा कि आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। उन्हें उम्मीद है कि इसके बाद पार्टी का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा और संगठन में बार-बार बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका बहुत कुछ आकाश आनंद पर भी निर्भर करेगा।

मायावती ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आकाश के व्यक्तित्व और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव देखे गए हैं। उनके मुताबिक पार्टी के अधिकांश सदस्य भी आकाश को वापस चाहते थे और उन्हें एक और मौका देने के पक्ष में थे।

2027 UP चुनाव की तैयारियों का हवाला

मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चुनावों की जोशीली तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने अपने पिता आनंद कुमार और छोटे भाई ईशान आनंद का भी आभार जताया, जिन्होंने इस फैसले का समर्थन किया।

ईशान आनंद ने कहा है कि वे बिना कोई औपचारिक पद लिए भी पार्टी की जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। मायावती ने भतीजे को उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की शुभकामनाएं दीं। देश की बड़ी सियासी खबरों पर हमारी नजर बनी है। ABP न्यूज़ के मुताबिक यह फैसला लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया।

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