वाशिंगटन। अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की पहल पर रूस और यूक्रेन ने दक्षिणी यूक्रेन के शहर Oleshky में स्थानीय युद्धविराम पर सहमति दे दी है। White House ने शुक्रवार को ऐलान किया कि Oleshky ceasefire 29 अक्टूबर से लागू होगा। इसके तहत शहर में मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी और फंसे नागरिकों की निकासी के लिए सुरक्षित गलियारा बनेगा।
White House के बयान के मुताबिक दोनों देशों ने Oleshky में सभी सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई है। बयान में कहा गया है कि फर्स्ट लेडी ने खुद इस बातचीत की शुरुआत की। उनके एक प्रतिनिधि ने रूसी और यूक्रेनी नेतृत्व के साथ सीधे काम करके युद्धविराम की शर्तें तय कीं।
29 अक्टूबर से लागू होगा Oleshky ceasefire
Oleshky यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में निप्रो नदी के बाएं किनारे पर स्थित है। यह शहर फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के पहले ही दिन से रूसी कब्जे में है। White House के अनुसार शहर की बची-खुची आबादी 1,700 से 2,000 के बीच है। इनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं और करीब 50 बच्चे भी शामिल हैं। युद्ध से पहले यहां करीब 24,000 लोग रहते थे।
शहर में हालात बेहद खराब हैं। White House का कहना है कि Oleshky में न बिजली है, न हीटिंग और न साफ पानी। शहर से बाहर जाने वाली सड़कें बारूदी सुरंगों से भरी हैं। आसमान में ड्रोन लगातार मंडराते रहते हैं। मई के आखिर से शहर में खाना और मानवीय सहायता लगभग पहुंच ही नहीं पाई है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए मानवीय गलियारा
मेलानिया ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “Oleshky के लोगों के पास सीमित बिजली है। वे बारूदी सुरंगों वाली सड़कों के बीच रहते हैं और नियमित सैन्य हमले झेलते हैं। यह बिल्कुल साफ था कि मेरे हस्तक्षेप के बिना शहर में मानवीय सहायता पहुंचाना और बुजुर्गों की निकासी असंभव होती।”
युद्धविराम के दौरान दोनों देशों की गैर-सैन्य टीमें घर-घर जाकर जरूरतें समझेंगी। जो लोग निकलना चाहेंगे उन्हें रूस या यूक्रेन — उनकी पसंद की जगह — पहुंचाया जाएगा। एक अमेरिकी मीडिया टीम इस प्रक्रिया को दर्ज करेगी।
Kremlin ने Melania Trump की भूमिका की तारीफ
सबसे अहम बात यह है कि Kremlin ने इस समझौते की पुष्टि कर दी है। Kremlin प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि रूसी और यूक्रेनी सेना इसे लागू करने की तारीखों पर काम कर रही है। जो भी नागरिक Oleshky छोड़ना चाहेंगे, उन्हें जाने दिया जाएगा। पेस्कोव के मुताबिक निकासी में कई दिन लग सकते हैं।
पेस्कोव ने मेलानिया ट्रंप की भूमिका की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के प्रयासों का स्वागत करते हैं। उन्होंने इस मानवीय अभियान के समन्वय में अहम योगदान दिया है।” उनके मुताबिक इस मुद्दे पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया फोन कॉल में भी चर्चा हुई थी।
मेलानिया ट्रंप युद्ध में विस्थापित बच्चों के मुद्दे पर सक्रिय रही हैं। इस साल 34 विस्थापित बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने में उनकी भूमिका बताई गई है।
