2026 में फिर महंगा होगा मोबाइल रिचार्ज, 20% तक बढ़ सकती हैं दरें, जियो–एयरटेल में किसकी होगी सबसे बड़ी जीत?
2026 में फिर महंगा होगा मोबाइल रिचार्ज, 20% तक बढ़ सकती हैं दरें, जियो–एयरटेल में किसकी होगी सबसे बड़ी जीत?

अगर आप मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों से पहले ही परेशान हैं, तो आने वाला समय और भारी पड़ सकता है। 2026 में मोबाइल रिचार्ज प्लान एक बार फिर महंगे होने वाले हैं। नई रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां अगले साल 16 से 20 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा सकती हैं। इसका सीधा असर करोड़ों प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्स की जेब पर पड़ेगा।
क्यों बढ़ेंगी मोबाइल रिचार्ज की कीमतें?
मॉर्गन स्टैनली की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां—रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi)—अपने 4G और 5G प्लान्स के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसका मुख्य कारण है कंपनियों द्वारा 5G नेटवर्क में किया गया भारी निवेश और भविष्य की टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए खुद को तैयार करना।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बढ़ोतरी से ARPU (प्रति ग्राहक औसत कमाई) में बड़ा उछाल आएगा, जिससे वित्तीय वर्ष 2027 में कंपनियों की कमाई और मुनाफा मजबूत होगा।
पहले भी बढ़ चुके हैं रिचार्ज के दाम
पिछले कुछ वर्षों में टेलीकॉम कंपनियां कई बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
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2019 में 15 से 50% तक की बढ़ोतरी
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2021 में 20 से 25% की बढ़ोतरी
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2024 में 10 से 20% तक दाम बढ़े
अब 2026 में एक और बढ़ोतरी की तैयारी दिख रही है, जो पहले के अनुमानों से ज्यादा हो सकती है।
एयरटेल को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली सभी कीमत बढ़ोतरी में भारती एयरटेल को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। एयरटेल की कमाई और मुनाफा अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले ज्यादा बढ़ा है। यही वजह है कि 2026 की संभावित बढ़ोतरी से भी एयरटेल को सबसे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वहीं, वोडाफोन आइडिया (Vi) जैसे छोटे प्लेयर्स इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि जियो और एयरटेल क्या कदम उठाते हैं। Vi की रणनीति बड़े खिलाड़ियों के फैसलों पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों पर पड़ेगा सीधा असर
कंपनियां सस्ते प्लान धीरे-धीरे बंद कर रही हैं और OTT बेनिफिट्स जैसे फायदे महंगे प्लान्स में शिफ्ट कर रही हैं, ताकि ग्राहक ज्यादा कीमत वाले प्लान चुनें। इससे आम यूजर्स का मासिक मोबाइल खर्च बढ़ना तय है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2032 तक ARPU 370 से 390 रुपये तक पहुंच सकता है। एयरटेल के वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल का भी मानना है कि भारत में अभी प्रति ग्राहक कमाई दुनिया में सबसे कम है, इसलिए कीमतें बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है।





