MP में ठंड का असर तेज हो गया है। रात के तापमान में करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शाजापुर जिले के गिरवर में पारा 11.9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। यह प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा। भोपाल में रात का पारा 13.5 डिग्री और इंदौर में 12.7 डिग्री दर्ज हुआ।
दमोह में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। कटनी जिले के करौंदी में पारा 12.2 डिग्री रहा। हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन के तापमान में भी 2 से 3 डिग्री की गिरावट आई है। अमरकंटक, पचमढ़ी, मलाजखंड, शिवपुरी और बैतूल में दिन का पारा 29 डिग्री से नीचे रहा।
MP में ठंड: इंदौर में एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट
इंदौर में रात का पारा एक दिन में 3.2 डिग्री नीचे आया है। भोपाल में भी 24 घंटे में रात का तापमान 2.8 डिग्री गिरा है। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। नवंबर के दूसरे पखवाड़े से सर्दी का असर ज्यादा महसूस होगा।
धनतेरस और दीपावली पर मौसम रहेगा साफ
राहत की बात यह है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को किसी भी जिले के लिए आंधी या बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। 7 और 8 नवंबर को भी बारिश की संभावना नहीं है। इसलिए धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों को मौसम से राहत मिलेगी।
हालांकि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्के बादल छा सकते हैं। लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 नवंबर के बाद ठंड की रफ्तार और बढ़ेगी। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी ज्यादा रहेगी।
ग्वालियर में पारा 3 डिग्री तक गिर चुका है
पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ठंड बढ़ती है। ग्वालियर में नवंबर के दौरान पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है। भोपाल में 30 नवंबर 1941 को न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। इंदौर में 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री तक लुढ़का था। सामान्य तौर पर भोपाल में नवंबर की रातों का तापमान 9 से 12 डिग्री के बीच रहता है।
धनतेरस और दीपावली के मौसम का पूरा पूर्वानुमान हमारी पिछली खबर में पढ़ें। दिल्ली में भी हवा की हालत बिगड़ी हुई है, जहाँ AQI गंभीर श्रेणी में पहुँच गया है। Amar Ujala की रिपोर्ट में MP के मौसम का विस्तृत हाल दिया गया है।
