मध्यप्रदेश में आज से सार्वजनिक परिवहन का नया दौर शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ शुक्रवार को भोपाल में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एक साथ 351 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित होगा। यहां से 7 शहरों की इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें एक साथ रवाना की जाएंगी। परिवहन विभाग का कहना है कि लंबे अरसे बाद गांव से शहरों तक सरकारी नियंत्रण वाली बसें दौड़ती नजर आएंगी। इससे जुड़ी सुगम परिवहन सेवा भोपाल खबर पढ़ें
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: 7 शहरों को कितनी बसें
पहले चरण में इंदौर को सबसे ज्यादा 145 बसें मिलेंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल को 106 बसें मिलेंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें होंगी।
जबलपुर के लिए 67 बसें तय की गई हैं। इनमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। इसके अलावा रीवा को 18, देवास को 10, कटनी को 3 और भिंड को 2 इंटरसिटी बसें मिलेंगी। पढ़ें: 25 सितंबर से शुरू हो रही बस सेवा की खबर
कुल 351 बसों में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें हैं। इंटरसिटी बसें दो या दो से अधिक शहरों के बीच तेज आवागमन सुनिश्चित करेंगी। इंट्रासिटी बसें शहरों के भीतर सस्ती और सुरक्षित दैनिक यात्रा की सुविधा देंगी।
2031 तक 15,000 बसों का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक 15,000 बसें चलाने का है। इसके साथ ही प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार किया जाएगा। योजना का उद्देश्य शहरों और गांवों के बीच सीधी बस कनेक्टिविटी देना है।
परिवहन विभाग के अनुसार यह सेवा सुगम, सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल होगी। स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना भी इसका अहम हिस्सा है। दैनिक यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बेहतर सार्वजनिक परिवहन से रोजगार और व्यापार को भी गति मिलेगी। स्रोत: वेबदुनिया

