Follow Dainik Rajeev Times

Mumbai Heatwave Alert: IMD का Yellow Alert, 38°C तक पारा

Dainik R Times
3 Min Read

मानसून की विदाई के साथ Mumbai में गर्मी ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। India Meteorological Department (IMD) ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को Mumbai और Raigad के कुछ इलाकों में heatwave की स्थिति के लिए Yellow Alert जारी किया है। यह मानसून के बाद इस सीजन का पहला heatwave अलर्ट है। Mumbai heatwave alert को लेकर मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

गुरुवार को Santacruz में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ज्यादा है। इससे एक दिन पहले बुधवार को भी पारा 35.4 डिग्री तक पहुंच गया था।

38 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

IMD के मुताबिक, शुक्रवार को Mumbai का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। Regional Meteorological Centre Mumbai के प्रमुख Bikram Singh ने कहा है कि तापमान 38 डिग्री तक जा सकता है और इससे 4.5 डिग्री तक का विचलन बनेगा। सापेक्ष आर्द्रता करीब 55% रहने की संभावना है। कम नमी की वजह से गर्मी अपेक्षाकृत कम चुभने वाली होगी, लेकिन डॉक्टर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

Mumbai heatwave alert: किन जिलों में अलर्ट जारी

IMD ने Palghar, Thane, Mumbai, Raigad, Ratnagiri, Sindhudurg, Kolhapur और उसके घाट क्षेत्र, Satara के घाट, Sangli और Sholapur में Yellow Alert जारी किया है। शनिवार, 10 अक्टूबर को यह अलर्ट कुछ तटीय और घाट जिलों तक सिमट जाएगा। रविवार, 11 अक्टूबर और सोमवार, 12 अक्टूबर तक पूरे Maharashtra में green warnings लौट आने का अनुमान है। Thane और Palghar में गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी दी गई है।

गर्मी से बचाव के उपाय

डॉक्टरों की सलाह है कि दिनभर भरपूर पानी पिएं और ORS या कोई अन्य hydrating drink साथ रखें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय छाता, टोपी और चश्मे का इस्तेमाल करें। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में रहने से बचें। अगर चक्कर या असामान्य थकान महसूस हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों और पालतू जानवरों को पार्क की गई गाड़ियों में बिल्कुल न छोड़ें।

वायु गुणवत्ता भी बिगड़ी

Mumbai की हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ गई है। गुरुवार को PM10 AQI 120 दर्ज हुआ, जो “moderate” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के बाद प्रदूषण के कण हवा में ठहर जाते हैं, जिससे मौसम के चरम रूप के साथ AQI बढ़ जाता है।

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद यह पहला बड़ा मौसमी बदलाव है। मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें और गर्मी से बचाव के नियमों का पालन करें।

Share This Article