नीमच कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान महिला पहुंची जहर की शीशी लेकर, जमीन कब्जे का आरोप, प्रशासन में मचा हड़कंप

नीमच कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान महिला जहर की शीशी लेकर पहुंची, मचा हड़कंप
नीमच जिला कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला हाथ में जहर की शीशी लेकर सीधे कलेक्टर के सामने पहुंच गई। महिला के हाथ में जहर देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और सुरक्षाकर्मी तुरंत सतर्क हो गए। बिना देर किए जहर की शीशी को अपने कब्जे में लिया गया और महिला को शांत कर समझाइश दी गई।
यह घटना कुछ देर के लिए पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में चर्चा का विषय बन गई। प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभालते हुए महिला को आत्मघाती कदम न उठाने का भरोसा दिलाया।
जमीन कब्जे का गंभीर आरोप
मनासा तहसील के रामपुरा नाका क्षेत्र की निवासी 46 वर्षीय मांगीबाई ने जनसुनवाई में आरोप लगाया कि हासपूर रोड स्थित उनकी साढ़े तीन बीघा कृषि भूमि पर कुछ दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। महिला का दावा है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है।
मांगीबाई का कहना है कि यह जमीन उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है और इसी जमीन से उनका परिवार गुजर-बसर करता है। अवैध कब्जे के बाद वह लगातार आर्थिक और मानसिक तनाव में जी रही हैं।
लगातार धमकाने का आरोप
पीड़िता ने बताया कि जमीन पर कब्जा करने वाले लोग उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। अलग-अलग लोगों को भेजकर डराया जाता है और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जाती है। महिला का कहना है कि इस डर के कारण पूरा परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वे पहले कई बार संबंधित थानों और प्रशासनिक कार्यालयों में शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वह बेहद निराश हो चुकी थीं।
न्याय नहीं मिला तो उठाने की चेतावनी दी कठोर कदम
जनसुनवाई के दौरान मांगीबाई ने साफ शब्दों में कहा कि यदि इस बार भी उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे मजबूर होकर कठोर कदम उठाएंगी। यह सुनते ही मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को समझाकर शांत किया।
प्रशासन की ओर से महिला को भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और उसे न्याय जरूर मिलेगा।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
घटना के बाद कलेक्टर ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महिला की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में फर्जी रजिस्ट्री या अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





