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Trump Iran: मिडटर्म बाद हमले पर Netanyahu का दबाव

Dainik R Times
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर तीखी बातचीत हुई। बातचीत का मुद्दा ईरान पर आगे की कार्रवाई थी। ट्रंप और ईरान (Trump Iran) के बीच चल रही बातचीत पर दोनों नेताओं के रुख में साफ मतभेद दिखा। नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिका मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान पर हमले फिर शुरू करे। ट्रंप फिलहाल बातचीत को और वक्त देना चाहते हैं।

Trump Iran: बातचीत या हमला, क्या है ट्रंप का रुख

द हिंदू ने बताया कि यह जानकारी एक्सियोस की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार एक अमेरिकी और एक इजरायली अधिकारी ने बातचीत की जानकारी दी है। इजरायली सूत्र ने इस कॉल को ‘कठिन’ बताया है। अमेरिकी सूत्र ने इसे ‘सीधा’ कहा है। व्हाइट हाउस और नेतन्याहू के कार्यालय ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। नेतन्याहू हाल में इजरायल चुनाव में जीत दर्ज करके लौटे हैं।

ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि ईरान से बातचीत ठीक चल रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जल्दी नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एक-दो बचे ठिकानों पर 10 मिनट में हमला कर सकता है। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि मिडटर्म चुनाव से पहले कोई नया हमला नहीं होगा। चुनाव के बाद की कार्रवाई पर उन्होंने फैसला नहीं लिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी यही बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने नए हमलों पर अभी कोई फैसला नहीं किया है। ट्रंप कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि अमेरिका सैन्य तैयारी भी जारी रखे हुए है। दोनों रास्ते एक साथ चल रहे हैं।

दोहा में बातचीत, ईरान की चेतावनी

ईरान के वार्ताकार रविवार को दोहा में तीसरे दिन भी बातचीत में शामिल रहे। कतर की मध्यस्थता से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर खोलने की योजना पर चर्चा हो रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी कोई समझौता नहीं हुआ है। ईरान की सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नया युद्ध पिछले दौर से लंबा चल सकता है। अमेरिका युद्ध के समय और शर्तें तय नहीं कर पाएगा।

अमेरिका और इजरायल के हमलों से यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया था। इसके बाद से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। अब सबकी नजर 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव पर है। चुनाव के बाद अमेरिका के अगले कदम पर फैसला होगा।

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