Pradeep Bhandari Indore: सोनिया गांधी वोटिंग मामले पर कांग्रेस से सवाल

Dainik R Times
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Pradeep Bhandari Indore

Pradeep Bhandari Indore: एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक प्रदीप भंडारी मंगलवार, 23 सितंबर को इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं और युवाओं ने उनका स्वागत किया।

भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान ढोल-ढमाकों और फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया।

वहीं, प्रदीप भंडारी की मां डॉ. रजनी भंडारी सहित परिवार के सदस्य भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।

Pradeep Bhandari ने सोनिया गांधी मामले पर क्या कहा

इसके बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में प्रदीप भंडारी ने सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता सूची मामले पर कांग्रेस से सवाल किए।

दरअसल, दिल्ली की एक अदालत ने 21 सितंबर को सोनिया गांधी के नाम के 1980 की मतदाता सूची में कथित रूप से शामिल होने से जुड़े मामले में पहले के मजिस्ट्रेट आदेश को रद्द कर दिया था। अदालत ने मामले को दोबारा सुनने के लिए मजिस्ट्रेट के पास भेजा है। अगली सुनवाई 29 सितंबर को होनी है।

भंडारी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता से पहले मतदाता सूची में नाम कैसे शामिल हुआ। उन्होंने दस्तावेजों से कथित छेड़छाड़ और मतदान से जुड़े सवाल कांग्रेस से पूछे।

हालांकि, अदालत का मौजूदा आदेश आरोपों को सिद्ध करने वाला फैसला नहीं है। मामला अभी आगे की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया में है।

कांग्रेस और युवाओं को लेकर भी निशाना

वहीं, प्रदीप भंडारी ने इंदौर में हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर भी टिप्पणी की।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रही है। भंडारी ने कहा कि आज का युवा समझदार है और वह तथ्यों को समझता है।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों और युवाओं के बीच पार्टी के संदेश को लेकर भी सवाल उठाए।

सोनिया गांधी के मतदाता सूची मामले में क्या है विवाद

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में शामिल था। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली थी।

दिल्ली की अदालत ने पहले इस मामले में FIR की मांग खारिज करने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द किया। अदालत ने मामले पर नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल अदालत ने सोनिया गांधी को इस मामले में दोषी ठहराने वाला कोई फैसला नहीं दिया है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है।

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