R Sreelekha resignation withdrawn हो गया है। केरल की पूर्व DGP और तिरुवनंतपुरम निगम की भाजपा पार्षद आर श्रीलेखा ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व से बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला किया। वह शास्तमंगलम वार्ड से पार्षद बनी रहेंगी। यह जानकारी रविवार को सामने आई।
कभी औपचारिक रूप से प्रभावी नहीं हुआ इस्तीफा
श्रीलेखा ने 30 सितंबर को मेयर वीवी राजेश को इस्तीफा सौंपा था। इसकी जानकारी 3 अक्टूबर को वार्ड के व्हाट्सऐप ग्रुप में दी गई थी। हालांकि यह इस्तीफा कभी औपचारिक रूप से प्रभावी नहीं हुआ। केरल नगरपालिका अधिनियम की धारा 40 के तहत पार्षद को निर्धारित पत्र निगम सचिव को सौंपना जरूरी है। निगम सचिव के कार्यालय तक कोई औपचारिक इस्तीफा नहीं पहुंचा था। इसलिए भाजपा नेतृत्व के पास मनाने का मौका बचा था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक श्रीलेखा की नाराजगी परिषद के कामकाज और मेयर चयन को लेकर थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर सोमवार को तिरुवनंतपुरम पहुंच रहे हैं। उनसे बातचीत में इन मुद्दों पर चर्चा होगी। खबर है कि वह शनिवार शाम से एक निजी अस्पताल में हैं।
भाजपा के पहले निगम पर संकट टला
तिरुवनंतपुरम भाजपा का केरल में पहला निगम है। 101 सदस्यीय परिषद में भाजपा के 50 पार्षद हैं। एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से पार्टी सत्ता में है। श्रीलेखा के जाने से यह संख्या 49 रह जाती। इससे प्रशासन की स्थिरता पर सवाल उठता। अब यह संकट टल गया है।
श्रीलेखा केरल की पहली महिला IPS अधिकारी हैं। वह राज्य की पहली महिला DGP भी रह चुकी हैं। पिछले साल स्थानीय निकाय चुनाव में उन्हें मेयर पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन यह पद वीवी राजेश को मिला। अप्रैल में उन्होंने वट्टियूरकावु विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वहां कांग्रेस नेता के मुरलीधरन से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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