नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के वोट को नष्ट करने वाला व्यक्ति “देशद्रोही” है और यह भारतीय राज्य व जनता के खिलाफ काम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुप बैठने से इनकार करती है।
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ चुनाव चुराने की साजिश की जांच होगी। उन्होंने कहा, “हम लोकतंत्र को ध्वस्त नहीं होने देंगे।” उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि “वोट चोरी” के बाद “कानून चोरी” आती है और उससे “संस्था चोरी” होती है — और ऐसे सांसदों से बना कोई भी कानून अवैध होगा जो “वोट चोरी” से जीतकर आए हों।
प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम करीब चार बजे शुरू हुई। राहुल ने कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में असहमति नोट दिया था और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता की मांग की थी। दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के असहमति जताने पर उन्होंने कहा कि दोनों ने “समझदारी भरा काम” किया। उनके मुताबिक, ज्ञानेश कुमार को गंभीरता से सोचना चाहिए और “अप्रूवर” बन जाना चाहिए — यह देश के हित में होगा।
मतभेद की पृष्ठभूमि
दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दस महीनों में कम से कम 14 बार SIR से जुड़े फैसलों पर औपचारिक आपत्ति जताई थी। इन फैसलों में फॉर्म 6, मतदाता सूची से नाम हटाना और मतदाता सूची डेटाबेस का केंद्रीकरण शामिल था। हालांकि, चुनाव आयोग ने “संस्थागत असहमति” के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए थे।
Rahul Gandhi Vote Chori: विपक्षी एकजुटता का दावा
राहुल ने कहा कि उन्होंने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी एकजुटता जताई है। उनके मुताबिक, “हम सब भाजपा के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे।”
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक 29 सितंबर को दिल्ली में होगी। इसमें चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। यह जानकारी पीटीआई न्यूज़ अलर्ट पर आधारित है।

