राम रहीम बरी: पत्रकार छत्रपति हत्या केस में हाईकोर्ट का फैसला

राम रहीम बरी: पत्रकार छत्रपति हत्या केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
राम रहीम बरी होने का फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सुनाया है। राम रहीम बरी होने के इस फैसले के साथ ही अदालत ने कहा कि इस मामले में उन्हें साजिशकर्ता साबित करने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
हालांकि कोर्ट ने इस केस में दोषी पाए गए तीन अन्य आरोपियों की सजा को बरकरार रखा है। इससे पहले स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में दी राहत
Punjab and Haryana High Court ने सुनवाई के दौरान कहा कि पत्रकार हत्या केस में Gurmeet Ram Rahim Singh को साजिशकर्ता साबित करने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
इसी वजह से अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया।
हालांकि तीन अन्य दोषियों की सजा को बरकरार रखा गया है।
मुख्य बिंदु:
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राम रहीम को हाईकोर्ट से राहत
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तीन आरोपियों की सजा कायम
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साजिश के पर्याप्त सबूत नहीं मिले
2019 में सीबीआई कोर्ट ने सुनाई थी सजा
दरअसल इस मामले में Central Bureau of Investigation की विशेष अदालत ने 17 जनवरी 2019 को फैसला सुनाया था।
पंचकूला स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम सहित सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी थी।
इसके बाद आरोपियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
मुख्य तथ्य:
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2019 में उम्रकैद की सजा
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सभी दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील की
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लंबी सुनवाई के बाद फैसला
तीन आरोपियों की सजा बरकरार
हाईकोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट माना है।
इनमें शामिल हैं:
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कुलदीप सिंह
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निर्मल सिंह
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कृष्ण लाल
कोर्ट ने कहा कि इनके खिलाफ उपलब्ध सबूत और गवाह उनकी भूमिका को साबित करते हैं। इसलिए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है।
2002 में हुई थी पत्रकार की हत्या
पत्रकार Ramchandra Chhatrapati ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े गंभीर आरोप प्रकाशित किए थे।
इसके बाद वर्ष 2002 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था।
इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
यौन शोषण केस में जेल में ही रहेंगे राम रहीम
हालांकि इस केस में बरी होने के बावजूद राम रहीम जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
दरअसल उन्हें साध्वियों के यौन शोषण मामले में 10 साल की सजा मिली हुई है।
इस वजह से उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
स्रोत: Punjab and Haryana High Court







