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Rubio Jamnagar Visit: Reliance Refinery का दौरा

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अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio बुधवार को गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां उन्होंने Reliance Industries के विशाल ऑयल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया (Rubio Jamnagar)। यह दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट रिफाइनरी है। इसकी संयुक्त प्रसंस्करण क्षमता लगभग 1.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। जामनगर रवाना होने से पहले रुबियो ने बुधवार सुबह मुंबई में दो बड़ी मुलाकातें कीं। वे पहले Gautam Adani से मिले। इसके बाद Tata Sons के चेयरमैन N Chandrasekaran से मुलाकात हुई। PTI के सूत्रों के मुताबिक दोनों बैठकों का विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।

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Rubio Jamnagar Visit: व्यापारिक मुलाकातों का दौर

तीन दिवसीय भारत दौरे पर रुबियो मंगलवार दोपहर मुंबई पहुंचे थे। पहले दिन उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। बुधवार का दिन पूरी तरह व्यापार-केंद्रित रहा। अदानी समूह का कारोबार बंदरगाहों, हवाई अड्डों, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स तक फैला है। समूह नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण में तेजी से विस्तार कर रहा है। टाटा समूह ऑटोमोबाइल, स्टील, IT और विमानन जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। समूह सेमीकंडक्टर और बैटरी प्रौद्योगिकी में निवेश कर रहा है। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor के मुताबिक यह दौरा मई के दौरे से “थोड़ा ज्यादा व्यापार-केंद्रित” है।

वेंटारा और ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स

जामनगर परिसर में रिफाइनरी के अलावा वेंटारा भी स्थित है। यह Reliance की वन्यजीव बचाव, उपचार और पुनर्वास पहल है। इसे Anant Ambani के नेतृत्व में चलाया जाता है। 3,500 एकड़ से अधिक में फैला यह केंद्र घायल जानवरों की देखभाल पर केंद्रित है। यह वन्यजीव संरक्षण को भी बढ़ावा देता है। परिसर में ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स भी बन रहा है। यह 5,000 एकड़ से अधिक में फैला होगा। यहां सोलर मॉड्यूल के कारखाने लगेंगे। बैटरी भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की इकाइयां भी स्थापित होंगी।

ऊर्जा सहयोग और ट्रेड डील की पृष्ठभूमि

रुबियो ने भारत को crude refining का “सुपरपावर” बताया था। इस दौरे का मकसद ऊर्जा सुरक्षा में सहयोग गहरा करना है। विनिर्माण और प्रौद्योगिकी भी एजेंडे में हैं। वेनेजुएला के कच्चे तेल के अधिक प्रसंस्करण पर चर्चा होगी। अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य है। रूसी तेल आयात में कमी भी विषय है। पूर्व में रुबियो ने कहा था कि व्यापार समझौता “हफ्तों दूर, महीनों नहीं” है। उनके मुताबिक 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ट्रंप ने भी इसे “काफी करीब” बताया था।

पूरी खबर: The Hindu BusinessLine की रिपोर्ट

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