मुंबई। Rupee Dollar Rate को लेकर शुक्रवार को बड़ी खबर सामने आई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थानीय मुद्रा बाजार खुलने से पहले डॉलर बेचे, जिससे रुपया 96 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना रहा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक चार मुद्रा कारोबारियों ने इस हस्तक्षेप की जानकारी दी है।
शुरुआती कारोबार में रुपया फिसलकर 95.97 प्रति डॉलर तक पहुंच गया था। हालांकि, RBI के हस्तक्षेप के बाद यह सुधरकर इंटरबैंक ऑर्डर-मैचिंग सिस्टम पर 95.88 प्रति डॉलर पर आ गया। कारोबारियों का कहना है कि हस्तक्षेप ऐसे समय हुआ जब बाजार में लिक्विडिटी कम थी। इसलिए इसका असर ज्यादा दिखाई दिया। गुरुवार को रुपया 95.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
Rupee Dollar Rate पर क्यों है दबाव
रुपये पर दबाव के कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर करीब 105 से 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। इससे भारत का आयात बिल बढ़ता है और डॉलर की मांग तेज होती है। इसके अलावा अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर 5.06 प्रतिशत हो गया है। यह जुलाई 2007 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। बाजार में अक्टूबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद भी बन रही है, जिससे डॉलर को मजबूती मिल रही है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ी
विदेशी निवेशक इस महीने भारतीय शेयरों और बॉन्ड से अब तक 3.5 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। इससे भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने हाल में कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने असाधारण प्रदर्शन किया है। लेकिन वास्तविक अर्थव्यवस्था की कहानी और वित्तीय बाजारों के कुछ हिस्सों के बीच अंतर बना हुआ है। उनके मुताबिक इसका एक बड़ा कारण प्रतिस्पर्धी बाजारों में अल्पकालिक रिटर्न का आकर्षण है।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
रुपये-डॉलर की दर का सीधा असर विदेश यात्रा, पढ़ाई, अंतरराष्ट्रीय सब्सक्रिप्शन और विदेशी भुगतानों पर पड़ता है। मौजूदा दर पर 1,000 डॉलर के भुगतान के लिए करीब 95,900 रुपये खर्च होंगे। वहीं 5,000 डॉलर पर यह रकम करीब 4.80 लाख रुपये बैठेगी। अगर रुपया 96 के पार जाता है, तो यही भुगतान और महंगा हो जाएगा। हालांकि, RBI रुपये में उतार-चढ़ाव को सीमित रखने की कोशिश कर रहा है। इसलिए तेल कीमतों, वैश्विक ब्याज दरों और विदेशी पूंजी प्रवाह पर नजर बनी रहेगी। बाजार की एक और बड़ी खबर JSW One के 3,000 करोड़ रुपये के IPO से जुड़ी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ट्रेडर्स को उम्मीद है कि RBI 96 के स्तर की रक्षा करता रहेगा।

