सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला: ड्रोन अटैक से खाड़ी में तनाव, तेल संकट गहराया

सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला से बढ़ा मिडिल ईस्ट तनाव
सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और गहरा गया है। सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला के साथ ही UAE और कतर के तेल-गैस प्लांट पर भी ड्रोन अटैक हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर दिखने लगा है।
दरअसल, यह हमला सऊदी अरब के यनबू पोर्ट स्थित सैमरेफ रिफाइनरी पर हुआ, जहां से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद तेल की सप्लाई बढ़ाई गई थी। वहीं, सऊदी ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।
यनबू रिफाइनरी पर हमला और नुकसान
सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला यनबू पोर्ट पर हुआ, जो इस समय तेल सप्लाई का बड़ा केंद्र बन चुका है।
हालांकि, हमले के बाद नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है। दूसरी ओर, ऊर्जा सप्लाई पर इसका असर दिखने लगा है।
इसी बीच, ड्रोन हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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यनबू पोर्ट प्रमुख सप्लाई हब
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रिफाइनरी पर हवाई हमला
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नुकसान का आकलन जारी
UAE और कतर में भी ड्रोन अटैक
सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला के साथ ही UAE और कतर के ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। कतर के रास लाफान गैस प्लांट में आग लगने की खबर सामने आई।
दरअसल, ईरान पहले ही इन देशों को चेतावनी दे चुका था। वहीं, कुवैत की रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा, कई देशों ने इन हमलों की निंदा की है।
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कतर के गैस प्लांट में आग
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कुवैत रिफाइनरी भी निशाने पर
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खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
सऊदी की ईरान को सख्त चेतावनी
सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला के बाद विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि ईरान उनके देश के सब्र का इम्तिहान न ले। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर सऊदी जवाब देने में सक्षम है।
अब सवाल यह है कि क्या यह टकराव बड़े युद्ध में बदल सकता है।
वैश्विक तेल और गैस बाजार पर असर
हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
वहीं, यूरोप में नैचुरल गैस की कीमतों में 35% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसी बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि सप्लाई अनिश्चितता और बढ़ सकती है।
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ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर/बैरल
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गैस कीमतों में 35% उछाल
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सप्लाई चेन पर असर
अमेरिका-ईरान विवाद और न्यूक्लियर दावा
अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम दोबारा शुरू नहीं किया है।
हालांकि, यह बयान डोनाल्ड ट्रम्प के दावों से अलग है, जो ईरान को बड़ा खतरा बताते रहे हैं। दूसरी ओर, कुछ विशेषज्ञ भी मानते हैं कि तत्काल खतरा सीमित है।
इससे पहले ईरान ने भी परमाणु हथियार न बनाने का दावा किया था। इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें…
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता दबाव
सऊदी ऑयल रिफाइनरी हमला के बाद कई देशों ने चिंता जताई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जरूरी सुविधाओं पर हमले रोकने की अपील की है।
वहीं, 12 मुस्लिम देशों ने भी ईरान के खिलाफ नाराजगी जताई है।
दूसरी ओर, ओमान ने अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
इससे पहले मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के संकेत मिल चुके थे। इससे पहले पढ़ें…
स्रोत: Reuters





