Supreme Court का आदेश: ICU norms 9 महीने में लागू करो

Dainik R Times
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सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) के लिए मानक तय करने वाले Supreme Court ICU norms 2026 को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को “2026 Guidelines for Organization and Delivery of Intensive Care Services” लागू करने के निर्देश दिए।

अदालत ने Level-I ICU के बुनियादी ढांचे के लिए समय सीमा घटाकर 12 महीने से 9 महीने कर दी। बेडसाइड सुविधाएं, गैर-आपातकालीन उपकरण और प्रयोगशाला सेवाएं 3 महीने में उपलब्ध करानी होंगी। संक्रमण नियंत्रण और सुरक्षा उपाय तुरंत लागू करने होंगे।

Supreme Court ICU norms 2026: क्या-क्या निर्देश दिए

सबसे अहम निर्देश कर्मचारियों की भर्ती को लेकर है। ICU विशेषज्ञों, डॉक्टरों, नर्सों और सहयोगी स्टाफ की भर्ती तुरंत शुरू करनी होगी और 6 महीने में पूरी करनी होगी। राज्यों ने इसके लिए 12 से 24 महीने का समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने साफ कहा कि मरीजों की जान से जुड़े मामले में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।

ये दिशा-निर्देश 20 मई, 2026 को मंजूर हुए तीन-स्तरीय ढांचे पर आधारित हैं। ये नियम सरकारी और निजी — दोनों तरह के अस्पतालों पर लागू होंगे। यानी अब कोई भी अस्पताल ICU चलाने के लिए न्यूनतम मानकों से बच नहीं सकेगा।

अदालत ने केंद्र और राज्यों से 5 नवंबर, 2026 तक स्थिति रिपोर्ट (status report) मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे होगी।

2016 से चल रहा मामला

यह मामला 2016 से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। अदालत ने वर्षों से देशभर में ICU सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति पर चिंता जताई है। कोरोना महामारी के दौरान ICU बेड और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी ने इस समस्या को और उजागर कर दिया था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के ऐसे सख्त निर्देश जमीनी बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, कई राज्यों के लिए 6 महीने में विशेषज्ञ स्टाफ की भर्ती करना बड़ी चुनौती होगी।

अब देखना यह है कि अस्पताल प्रबंधन इन समय सीमाओं का पालन करते हैं या नहीं। अदालत के अन्य हालिया आदेशों की तरह इस आदेश का भी स्वास्थ्य क्षेत्र पर दूरगामी असर पड़ने की उम्मीद है। Live Law के मुताबिक, अदालत ने भर्ती के लिए 6 महीने की सख्त डेडलाइन तय की है।

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