Thackeray Virat Garjana Morcha रविवार को मुंबई में निकला। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से इस मोर्चे का नेतृत्व किया। यह मोर्चा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला गया। आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ियां हुई हैं। दोनों नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
Thackeray Virat Garjana Morcha: मेट्रो सिनेमा से BMC मुख्यालय तक
‘विराट गर्जना मोर्चा’ दक्षिण मुंबई के मेट्रो सिनेमा से शुरू हुआ। यह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मुख्यालय के पास जाकर समाप्त हुआ। कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के नेता भी मोर्चे में शामिल हुए। आयोजकों ने पार्टी के झंडों पर रोक लगाई थी। सभी प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ राष्ट्रीय तिरंगा लहराया।
राज ठाकरे ने CEC पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश काका, डाले वोट पा डाका”। इसका मतलब है कि ज्ञानेश कुमार वोट चुराते हैं। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के हथियार हैं। शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने से आंदोलन को ताकत मिली है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा विरोध
मोर्चे के मंच से बड़ा ऐलान भी हुआ। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार और पूर्व CEC राजीव कुमार को “देश का दुश्मन” तक कह दिया। राउत ने दावा किया कि मुंबई का विरोध सिर्फ शुरुआत है। उनके मुताबिक देशभर में सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही मुंबई के शिवाजी पार्क में CEC के खिलाफ ‘जेल भरो आंदोलन’ हुआ था। SIR को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर है। ठाकरे बंधुओं का यह संयुक्त मोर्चा महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: मोर्चे की पूर्व घोषणा के मुताबिक यह विरोध पहले से तय था, जबकि CEC के खिलाफ केरल में विजिलेंस जांच का आदेश भी चर्चा में है। इस खबर की विस्तृत जानकारी News18 की इस रिपोर्ट में पढ़ें।
