बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी के साथ-साथ चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। कोटा से पकड़े गए तीनों संदिग्धों ने कथित तौर पर हमले के लिए 50 हजार रुपये एडवांस लिए थे और वारदात से पहले अभिनेता की रेकी भी की थी।
तीनों की पहचान, कोटा SP ने की पुष्टि
कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने हिंदुस्तान टाइम्स से गिरफ्तारी की पुष्टि की है। रिपोर्टों के मुताबिक पकड़े गए युवकों में 17 साल का फूल सिंह शामिल है। वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। 22 साल का हृतिक कुमार उर्फ रोशन और 18 साल का रेहान भी पकड़े गए हैं। एक अन्य रिपोर्ट में हृतिक के बिहार के बेगूसराय का होने का दावा है। पुलिस तीनों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों को हमले के लिए 50 हजार रुपये एडवांस मिले थे। अब जांच एजेंसियां दो सवालों के जवाब तलाश रही हैं। पहला — तीनों में से कौन सीधे फायरिंग में शामिल था। दूसरा — पैसे किसने भिजवाए।
रेकी के बाद तय हुआ हमले का वक्त
एएनआई के मुताबिक क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने अभिनेता की गतिविधियों की रेकी की थी। उन्हें पता था कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू के फुटबॉल ग्राउंड जाते हैं। इसी रूटीन पर नजर रखकर हमले का सही वक्त चुना गया।
ऐसे भागे थे हमलावर
फायरिंग के बाद हमलावर एसवी रोड से होते हुए विले पार्ले और अंधेरी की तरफ भागे। उन्होंने बाइक अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दी। फिर बोरीवली जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। खुफिया जानकारी के मुताबिक वे पुलिस से बचने के लिए गुजरात भी गए थे।
मुंबई पुलिस की सूचना पर संयुक्त अभियान चला। राजस्थान पुलिस और रेलवे पुलिस के संयुक्त अभियान में तीनों कोटा रेलवे स्टेशन पर दबोचे गए। वे पुणे-जयपुर ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे।
बिश्नोई गैंग से लिंक की जांच
पुलिस तीनों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संभावित संबंधों की जांच कर रही है। सोशल मीडिया पर अनिल पंडित और हरमन संधू नाम के लोगों ने जिम्मेदारी का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है। मामले में 15 विशेष टीमें जांच में जुटी हैं और बीएनएस व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है। इससे पहले उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता के घर जाकर उनका हाल जान आए थे।
