Trump WSJ मुकदमा खारिज हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका लगा है। मियामी की संघीय अदालत ने शनिवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के खिलाफ उनका मानहानि मुकदमा खारिज कर दिया। यह दूसरी बार है जब यह मुकदमा खारिज हुआ है, लेकिन इस बार फैसला अंतिम है।
Trump WSJ मुकदमा खारिज, दोबारा दाखिल नहीं होगा
अमेरिकी जिला न्यायाधीश डैरन पी. गेल्स ने मुकदमा ‘पूर्वाग्रह के साथ’ खारिज किया है। इसका मतलब है कि ट्रंप यही मुकदमा दोबारा दाखिल नहीं कर सकते। हालांकि वे इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। ट्रंप की कानूनी टीम ने कहा है कि वह अपील करेगी।
जज ने क्या कहा
जज गेल्स ने कहा कि ट्रंप यह साबित नहीं कर सके कि अखबार ने खबर ‘वास्तविक दुर्भावना’ से छापी थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी सार्वजनिक व्यक्ति को मानहानि साबित करने के लिए यही मानदंड पूरा करना होता है। जज ने ट्रंप के तर्कों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ये तर्क निष्कर्षात्मक और अस्पष्ट थे। कई बार वे खबर से मेल भी नहीं खाते थे। अदालत ने एक और तर्क खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा था कि उनके इनकार के बाद अखबार को खबर रोक देनी चाहिए थी।
किस खबर पर हुआ था मुकदमा
जुलाई 2025 में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक खबर छापी थी। खबर के अनुसार, जेफरी एपस्टीन के 50वें जन्मदिन के एलबम में ट्रंप के नाम वाला एक पत्र था। खबर के अनुसार, पत्र में एक महिला की रूपरेखा के भीतर टाइप किया गया संदेश था। उस पर ‘डोनाल्ड’ के हस्ताक्षर थे। ट्रंप ने पत्र लिखने से इनकार किया था। उन्होंने खबर को ‘झूठी, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक’ बताया था। इसके बाद उन्होंने अखबार पर मुकदमा किया था। मुकदमे में मूल कंपनी न्यूज कॉर्प, रूपर्ट मर्डोक और दो पत्रकार भी शामिल थे।
मुकदमे में दो दावे किए गए थे। प्रत्येक दावे में कम से कम 10 अरब डॉलर का हर्जाना मांगा गया था। इस तरह कुल राशि 20 अरब डॉलर थी। अप्रैल में भी जज ने मुकदमा खारिज किया था। तब ट्रंप को संशोधित शिकायत दाखिल करने का मौका मिला था। मई में दाखिल संशोधित शिकायत भी अदालत की कसौटी पर खरी नहीं उतरी।
