उज्जैन-इंदौर रोड पर धरमपुरी में बस ने मारी टक्कर, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा
उज्जैन-इंदौर रोड पर धरमपुरी में बस ने मारी टक्कर, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा

उज्जैन। उज्जैन-इंदौर रोड पर धरमपुरी इलाके में सोमवार सुबह एक सड़क हादसे ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। शुक्ला ब्रदर्स की बस ने अचानक तीन स्थानीय लोगों को टक्कर मार दी, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के तुरंत बाद लोगों ने बस के आगे-पीछे दौड़ लगाई और गुस्से में बस के शीशे तोड़ दिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस उस समय तेज गति में उज्जैन की ओर जा रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ग्रामीणों ने उसे रोक लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है। उज्जैन-इंदौर रोड पर तेज रफ्तार बसों और लापरवाह ड्राइवरों की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। धरमपुरी इलाके के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने कई बार इस सड़क पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की चेतावनी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं बस को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “घटना की जांच शुरू कर दी गई है। ड्राइवर और बस मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घायल लोगों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।”
स्थानीय प्रशासन ने भी घटनास्थल का दौरा किया और सड़क पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने कहा कि भविष्य में इस सड़क पर तेज गति और लापरवाह ड्राइविंग पर विशेष नजर रखी जाएगी।
ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर भी था कि हादसे से पहले कई बार बसों के तेज चलने की शिकायत प्रशासन से की गई थी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हादसे के बाद प्रशासन ने बस मालिक को नोटिस जारी किया है और ग्रामीणों के साथ बैठक कर भविष्य में सड़क सुरक्षा उपायों पर चर्चा करने की योजना बनाई है। वहीं, प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने उज्जैन-इंदौर रोड पर बस और वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गति और लापरवाह ड्राइविंग के कारण ऐसे हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और पुलिस की सक्रिय निगरानी जरूरी है।



