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Year Ender 2025: मध्य प्रदेश में दर्द, लापरवाही और हादसों का साल, जिन घटनाओं ने पूरे प्रदेश को भीतर तक झकझोर दिया

भोपाल। साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। यह साल मध्य प्रदेश के लिए कई उपलब्धियों और खुशियों के साथ-साथ दर्दनाक हादसों, प्रशासनिक लापरवाही और इंसानी भूलों का गवाह भी बना। सड़क दुर्घटनाओं से लेकर फैक्टरी विस्फोट, अस्पतालों में लापरवाही, भगदड़, जहरीली दवाएं, पुल धंसने और एचआईवी संक्रमित रक्त जैसी घटनाओं ने न सिर्फ परिवारों को उजाड़ा, बल्कि पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

आइए, एक नजर डालते हैं उन सबसे बड़ी और झकझोर देने वाली घटनाओं पर, जिन्होंने 2025 में मध्य प्रदेश को बार-बार सुर्खियों में ला दिया।


🔥 भोपाल गैस त्रासदी का ज़हरीला कचरा पीथमपुर में जलाया गया

साल की शुरुआत में ही भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ा जहरीला कचरा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया। करीब 40 साल से यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में पड़ा खतरनाक रासायनिक कचरा आखिरकार धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र भेजा गया।

इस कचरे में कीटनाशक निर्माण में उपयोग हुए अत्यंत जहरीले रसायन शामिल थे। लंबे समय से इसके निपटान को लेकर विरोध और बहस चल रही थी। सरकार की अनुमति के बाद इसे उच्च तापमान वाले इंसीनरेटर में जलाया गया। अब इसकी राख के सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया जारी है।


🚍 जबलपुर सड़क हादसा: महाकुंभ से लौट रहे 7 श्रद्धालुओं की मौत

11 फरवरी 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। प्रयागराज महाकुंभ से लौट रहे आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं की ट्रैवलर की नेशनल हाईवे-30 पर तेज रफ्तार ट्रक से भिड़ंत हो गई।

हादसा इतना भयानक था कि 7 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह हादसा सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर एक बार फिर बड़ा सवाल बनकर सामने आया।


💊 24 बच्चों की मौत: जहरीले कफ सिरप ने छीनी मासूम जिंदगियां

अक्टूबर 2025 में सामने आया जहरीला कफ सिरप कांड मध्य प्रदेश के सबसे दर्दनाक मामलों में से एक रहा। ‘कोल्ड्रिफ’ नामक एलोपैथिक कफ सिरप में 48.6% डाई-एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया, जो जानलेवा रसायन है।

इस सिरप के सेवन से 24 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जांच में सामने आया कि सिरप तमिलनाडु की एक फार्मा कंपनी द्वारा बनाया गया था। इस मामले ने दवा नियमन और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी


🏃‍♀️ सीहोर कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, 2 महिलाओं की मौत

अगस्त 2025 में सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई। रुद्राक्ष वितरण और कावड़ यात्रा से पहले अव्यवस्था के कारण भगदड़ मच गई

इस हादसे में 2 महिलाओं की मौत हुई और कई श्रद्धालु घायल हुए। यह घटना इसलिए भी गंभीर रही क्योंकि इसी स्थान पर 2023 में भी ऐसा हादसा हो चुका था।


💥 गुजरात फैक्टरी विस्फोट: मध्य प्रदेश के 18 मजदूरों की मौत

1 अप्रैल 2025 को गुजरात के बनासकांठा जिले में एक अवैध पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ। हादसे में कुल 21 मजदूरों की मौत हो गई, जिनमें से 18 मजदूर मध्य प्रदेश के हरदा और देवास के रहने वाले थे।

फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि फैक्टरी में अत्यधिक ज्वलनशील एल्युमिनियम पाउडर मौजूद था, जिसने विस्फोट को और भयावह बना दिया।


🚜 खंडवा दुर्गा विसर्जन हादसा: तालाब में पलटी ट्रॉली, 11 मौतें

खंडवा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई। हादसे में 8 बच्चियों सहित 11 लोगों की मौत हो गई।

ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। यह हादसा धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भयावह उदाहरण बन गया।


🏥 इंदौर MY अस्पताल: चूहों ने ली नवजातों की जान

इंदौर के महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल में लापरवाही का शर्मनाक मामला सामने आया। एनआईसीयू में भर्ती दो नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।

यह घटना सरकारी अस्पतालों की स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर उभरी।


🚌 इंदौर-खंडवा हाईवे बस हादसा: 3 की मौत

इंदौर-खंडवा हाईवे पर भेरूघाट के पास यात्रियों से भरी बस 20 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौत और कई यात्री घायल हुए।

ड्राइवर के संतुलन खोने को हादसे की वजह बताया गया।


🌉 रायसेन में 50 साल पुराना पुल धंसा, 10 घायल

रायसेन जिले के बरेली-पिपरिया हाईवे पर 50 साल पुराना पुल अचानक धंस गया। दोपहिया वाहन सवार नीचे गिर पड़े, जिससे 10 लोग घायल हो गए।

यह हादसा जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी का नतीजा माना गया।


🚗 ग्वालियर सड़क हादसा: 5 युवकों की मौत

16 नवंबर 2025 को ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में फॉर्च्यूनर कार और रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में 5 युवकों की मौत हो गई।

सभी युवक शादी समारोह से लौट रहे थे। यह हादसा पूरे इलाके में शोक का कारण बना।


🩸 सतना HIV संक्रमित रक्त कांड

सतना जिला अस्पताल में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान लापरवाही से 4-6 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे एचआईवी संक्रमित हो गए।

मामले के सामने आने के बाद तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा किया।

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