बिजली खंभा वायर हटाने: कलेक्टर की चेतावनी, फसल सुरक्षा निर्देश

बिजली खंभा वायर हटाने: इंदौर कलेक्टर के सख्त निर्देश
बिजली खंभा वायर हटाने को लेकर इंदौर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बिजली खंभा वायर हटाने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
दरअसल टीएल बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि खंभों पर फैले वायर के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। वहीं इसे तुरंत हटाने का आदेश दिया गया है।
बिजली खंभा वायर हटाने पर प्रशासन की सख्ती
बिजली खंभा वायर हटाने के मुद्दे पर कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी बीच उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिए कि सभी खंभों पर लगे अतिरिक्त वायर को तुरंत हटाया जाए।
हालांकि खासतौर पर ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
- सभी खंभों से वायर हटाने के निर्देश
- ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
- तत्काल कार्रवाई के आदेश
यह कदम फसल सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।
फसलों में आग लगने की घटनाओं पर रोक
वहीं दूसरी ओर बिजली खंभा वायर हटाने का मुख्य उद्देश्य फसलों में आग लगने की घटनाओं को रोकना है।
इसके अलावा कलेक्टर ने बताया कि खंभों पर वायर का जाल कई बार शॉर्ट सर्किट का कारण बनता है।
साथ ही इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश
इसी बीच कलेक्टर ने बिजली विभाग को सख्त समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि इस काम की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
दूसरी ओर यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
- जल्द से जल्द काम पूरा करने का निर्देश
- नियमित निरीक्षण की व्यवस्था
- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
अब सवाल यह है कि विभाग इस काम को कितनी तेजी से पूरा करता है।
किसानों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
बिजली खंभा वायर हटाने के फैसले को किसानों की सुरक्षा से जोड़ा गया है।
दरअसल प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
इसके अलावा कलेक्टर ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
इससे पहले भी फसलों में आग लगने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
इस मामले में विस्तृत अपडेट देखें: इंदौर कृषि सुरक्षा रिपोर्ट
स्रोत:
अधिक जानकारी के लिए देखें:
Madhya Pradesh Paschim Kshetra Vidyut Vitaran Company





