व्हाइट हाउस के पास फायरिंग: 2 नेशनल गार्ड्स घायल, अफगान हमलावर गिरफ्तार
व्हाइट हाउस के पास फायरिंग: 2 नेशनल गार्ड्स घायल, अफगान हमलावर गिरफ्तार

वॉशिंगटन: व्हाइट हाउस के पास मंगलवार को हुई फायरिंग ने पूरे देश को हड़कंप में डाल दिया। घटना में दो नेशनल गार्ड्स घायल हो गए, जबकि हमलावर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार देते हुए अफगान शरणार्थियों के अमेरिका आने पर रोक लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही व्हाइट हाउस के सुरक्षा बल और पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। घायल नेशनल गार्ड्स को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर अफगानिस्तान का नागरिक है और अमेरिका में शरणार्थी के रूप में रह रहा था।
हमले की तत्काल जांच के लिए एफबीआई और वॉशिंगटन पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि हमलावर ने जानबूझकर सुरक्षा घेरा तोड़ने और व्हाइट हाउस के आसपास घातक हमला करने का प्रयास किया। पुलिस ने क्षेत्र की सभी निगरानी फुटेज और पास के लोगों के बयान एकत्रित कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह स्पष्ट रूप से एक आतंकी हमला था। हमें अपने देश की सुरक्षा के लिए कदम उठाने होंगे। अफगान शरणार्थियों को आने से पहले कड़ी जांच और सुरक्षा मानकों के तहत प्रवेश देना चाहिए।” ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सशक्त बनाना आवश्यक है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि व्हाइट हाउस जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए। नेशनल गार्ड्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया की नियमित ट्रेनिंग ली थी, जिसकी वजह से हमले का तुरंत जवाब दिया जा सका।
व्हाइट हाउस के पास यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास और अमेरिका में उनकी सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ट्रम्प प्रशासन ने इस घटना को लेकर तुरंत उच्च स्तर की सुरक्षा बैठक बुलाई और शरणार्थियों के प्रवेश पर कड़े नियम लागू करने का प्रस्ताव रखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही यह हमला आतंकवाद और शरणार्थी सुरक्षा पर चल रही बहस में और भी गहराई ला सकता है।
व्हाइट हाउस और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और जनता से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की गई है।



