Delhi Blast Case: हल्द्वानी में बिलाली मस्जिद के इमाम गिरफ्तार, उमर से जुड़े कॉल डिटेल्स की जांच
Delhi Blast Case: हल्द्वानी में बिलाली मस्जिद के इमाम गिरफ्तार, उमर से जुड़े कॉल डिटेल्स की जांच

दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात ढाई बजे हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में स्थित बिलाली मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी का संबंध दिल्ली ब्लास्ट के आतंकवादी उमर से जुड़े कॉल डिटेल्स की जांच से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने बताया कि इमाम को तुरंत दिल्ली ले जाया गया और उससे पूछताछ जारी है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और एलआईयू (Law Intelligence Unit) की संयुक्त कार्रवाई में इमाम को उठाया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई संवेदनशील मुस्लिम बाहुल्य इलाके में हुई, जिसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। टीम ने इलाके में आतंकवाद विरोधी प्रोटोकॉल के तहत दबिश दी और इमाम को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए इमाम का उमर से क्या संबंध है, यह जांच का मुख्य बिंदु है। दिल्ली पुलिस ने उमर के मोबाइल कॉल डिटेल्स का विश्लेषण किया और इसमें कुछ संदिग्ध कॉल्स की पहचान हुई। पुलिस का कहना है कि इन कॉल्स से दिल्ली ब्लास्ट के पीछे की योजना और सहयोगी नेटवर्क का पता लगाया जा सकता है।
इमाम के खिलाफ अभी तक कोई कानूनी आरोप नहीं लगाए गए हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस उमर से जुड़ी संभावित योजना, नकदी का लेन-देन और नेटवर्क के अन्य सदस्य की पहचान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और आवश्यकतानुसार आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली ब्लास्ट मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। विशेषकर उन कॉल डिटेल्स की जांच जो ब्लास्ट के आयोजन और आतंकी गतिविधियों से सीधे जुड़ी हुई हैं। इमाम की गिरफ्तारी से पुलिस को उमर और उसके नेटवर्क की गहराई तक जाने में मदद मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि दिल्ली ब्लास्ट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद विरोधी प्रोटोकॉल को सक्रिय किया और संदिग्धों की लगातार निगरानी शुरू की। अब इमाम की गिरफ्तारी से मामले में एक नया मोड़ आया है।
दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें। इस कार्रवाई को आतंकी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





