Sarafa Chaat Chaupati Controversy: निगम की सूची में शामिल नामों पर उठे सवाल, परंपरागत दुकानदार नाराज
Sarafa Chaat Chaupati Controversy: निगम की सूची में शामिल नामों पर उठे सवाल, परंपरागत दुकानदार नाराज

इंदौर के मशहूर सर्राफा चाट चौपाटी में 69 दुकानों की नई सूची ने विवाद की आग भड़क दी है। नगर निगम द्वारा जारी की गई इस सूची में शामिल दुकानों के नामों को लेकर व्यापारी वर्ग में भारी नाराजगी देखने को मिली है। लंबे समय से चौपाटी पर दुकान चलाने वाले परंपरागत दुकानदारों ने आरोप लगाया है कि निगम ने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने और पैसे लेकर नाम जोड़ने की कोशिश की है।
परंपरागत व्यंजन या नई दुकानें?
नगर निगम अधिकारियों ने पहले यह दावा किया था कि चौपाटी में केवल परंपरागत व्यंजन ही उपलब्ध होंगे। लेकिन सूची जारी होने के बाद इसमें मोमोज, चाइनीज, पिज्जा, माकटेल शॉट और पान-सोड़ा की दुकानों को भी शामिल किया गया। इससे पुराने दुकानदारों में नाराजगी और असंतोष फैल गया है। उनका कहना है कि ये नए प्रकार के स्टाल परंपरागत स्वाद और पहचान को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
सुरक्षा और आग का मामला
वहीं, विवाद के बीच चौपाटी के एक भवन की ऊपरी मंजिल पर स्थित सोने-चांदी की दुकान में आग लग गई। इस घटना ने निगम के अमले को तुरंत सक्रिय कर दिया। रिमूवल टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान का हिस्सा तोड़कर आग बुझाई। यह घटना विवाद के बीच चौपाटी की सुरक्षा और व्यवस्थित संचालन पर सवाल खड़े कर रही है।
हाईकोर्ट में निगम की कार्रवाई
इस विवाद को देखते हुए नगर निगम ने हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हटाए गए दुकानदार किसी एकतरफा स्टे का लाभ न उठा सकें। निगम ने यह भी दावा किया है कि मोमोज और चाइनीज जैसी अपरंपरागत दुकानें स्थायी रूप से नहीं लगेंगी। वहीं, हटाए गए दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही है ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।
व्यापारी वर्ग की प्रतिक्रिया
पुराने दुकानदारों का कहना है कि सूची में उनके नामों को नजरअंदाज किया गया है और नए स्टाल को प्राथमिकता दी गई। वे यह भी शिकायत कर रहे हैं कि निगम ने बिना किसी व्यापक परामर्श के यह सूची जारी की। उनका मानना है कि चौपाटी की परंपरा और पहचान को बनाए रखने के लिए निगम को पुराने दुकानदारों की राय और उनके अनुभव का सम्मान करना चाहिए।

