क्या वनडे में टेस्ट का हिसाब चुकाएगी टीम इंडिया? रोहित-कोहली बढ़ा रहे मजबूती, साउथ अफ्रीका 10 साल से भारत में सीरीज नहीं जीता
क्या वनडे में टेस्ट का हिसाब चुकाएगी टीम इंडिया? रोहित-कोहली बढ़ा रहे मजबूती, साउथ अफ्रीका 10 साल से भारत में सीरीज नहीं जीता

भारतीय क्रिकेट टीम एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने उतरेगी, और यह मुकाबला सिर्फ एक सीरीज नहीं बल्कि टेस्ट की हार का हिसाब चुकाने का मौका भी माना जा रहा है। हाल ही में खेले गए टेस्ट मुकाबलों में भारत को निराशा मिली थी, लेकिन अब माहौल अलग है, फॉर्म अलग है और टीम का आत्मविश्वास भी ऊंचा है। खास बात यह है कि भारत की वनडे टीम में इस बार रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है, जिससे टीम की मजबूती कई गुना बढ़ गई है।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। दोनों टीमों में स्टार खिलाड़ी हैं, आक्रामक बल्लेबाज और घातक गेंदबाज हैं। लेकिन एक अहम आंकड़ा दक्षिण अफ्रीका को लगातार दबाव में रखता है—पिछले 10 सालों से साउथ अफ्रीका भारत में कोई भी वनडे सीरीज नहीं जीत पाया है। यह मनोवैज्ञानिक बढ़त Team India को पहले ही मैच से मिल जाती है।
रोहित और कोहली की वापसी—टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत
टेस्ट में मिली हार के बाद भारतीय फैंस निराश थे, लेकिन रोहित और कोहली की वनडे टीम में वापसी ने माहौल फिर से उत्साहित कर दिया है। रोहित शर्मा पावरप्ले में रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत देते हैं, जबकि विराट कोहली मध्य क्रम में इनिंग को संभालते हुए बड़ी पारियां खेलने में माहिर हैं। दोनों की मौजूदगी दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती होगी।
इसके अलावा शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव टीम की बल्लेबाजी को और गहराई देते हैं। भारत की बेंच स्ट्रेंथ भी अब पहले से काफी बेहतर है।
गेंदबाजी में नई ऊर्जा
भारतीय गेंदबाजी भी वनडे फॉर्मेट में लगातार बेहतर हो रही है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी दुनिया की सबसे खतरनाक ओपनिंग गेंदबाजी जोड़ी मानी जाती है। कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा स्पिन में टीम को मजबूती देते हैं। घरेलू पिचें भारतीय गेंदबाजों के लिए अनुकूल होंगी और दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को इससे निपटना आसान नहीं होगा।
दक्षिण अफ्रीका की चुनौती
साउथ अफ्रीका की टीम कभी भी कमजोर नहीं मानी जा सकती। उनका टॉप ऑर्डर इस समय शानदार लय में है और तेज गेंदबाजी हमेशा उनकी पहचान रही है। रबाडा, नॉर्ट्जे और जेनसन जैसे गेंदबाज किसी भी टीम की कमर तोड़ सकते हैं।
लेकिन भारत की परिस्थितियों में अफ्रीका का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। पिच, मौसम, स्पिन—सब कुछ भारत के पक्ष में रहता है।
क्या इस बार बदला ले पाएगा भारत?
फैंस की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या टीम इंडिया टेस्ट की हार का बदला वनडे में ले पाएगी। आंकड़े भारत के पक्ष में हैं, टीम का दबदबा मजबूत है और कप्तान रोहित शर्मा की रणनीति भी कमाल की होती है।



