इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतों पर राजनीति गरमाई, उमा भारती ने सरकार को घेरा, कांग्रेस ने इस्तीफा और FIR मांगी

देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने वाले इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं और कई अन्य बीमार हैं। इस गंभीर घटना ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी तीखी बहस छेड़ दी है।
🔥 उमा भारती का सरकार पर हमला
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने इस मामले को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि साल 2025 के अंत में इंदौर जैसे शहर में गंदे पानी से मौतें होना पूरे प्रदेश और शासन व्यवस्था के लिए शर्मनाक और कलंकित करने वाला है।
उमा भारती ने कहा कि जिस शहर को स्वच्छता के लिए देशभर में सम्मान मिला, वहां इतनी गंदगी और जहरीला पानी लोगों की जान ले ले, यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये नहीं होती, क्योंकि मृतकों के परिजन जीवनभर इस दर्द को झेलते हैं।
⚖️ “या प्रायश्चित या दंड”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पाप का घोर प्रायश्चित होना चाहिए। पीड़ित परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जानी चाहिए और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी दोषी हैं, उन्हें अधिकतम दंड मिलना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी सवाल उठाते हुए कहा,
“यह आपकी परीक्षा की घड़ी है। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठकर बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे?”
उमा भारती ने दो टूक कहा कि ऐसे मामलों में कोई स्पष्टीकरण नहीं चलता—या तो प्रायश्चित होगा या दंड।
🏛️ कांग्रेस का पलटवार, इस्तीफे की मांग
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से 15 लोगों की मौत हुई है, यह हादसा नहीं बल्कि हत्याएं हैं।
पटवारी ने कहा कि सत्ता का अहंकार और भ्रष्टाचार सबसे घातक हथियार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अधिकारियों को ढाल बनाकर अपने भ्रष्टाचार को छुपाने की कोशिश कर रही है।
📢 FIR और कार्रवाई की मांग
जीतू पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि
-
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा होना चाहिए,
-
महापौर और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज होनी चाहिए,
-
और जो भी अधिकारी इसमें शामिल हैं, उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को दोषी बताकर भाजपा अपने पाप नहीं छुपा सकती।
🚨 जनता में आक्रोश
दूषित पानी से हुई मौतों के बाद इंदौर के कई इलाकों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग प्रशासन की लापरवाही और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।





