Indore Land Dispute: Ralamandal Mein Kisanon Ne Raaton-Raat Boundary Banane Ka Aarop Lagaya
रिपोर्टर: स्टाफ रिपोर्टर
लोकेशन: इंदौर
तारीख: 3 अप्रैल 2026
Indore Land Dispute से जुड़ा एक नया मामला इंदौर के रालामंडल क्षेत्र में सामने आया है। Indore Land Dispute के इस मामले में किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर रातों-रात बाउंड्री बनाकर कब्जा करने की कोशिश की गई।
मामला इंदौर बाईपास के पास स्थित रालामंडल क्षेत्र के मिर्जापुर ग्राम पंचायत का है। यह जमीन ओएस्टर ग्रीन सिटी कॉलोनी से लगी हुई बताई जा रही है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
किसानों ने क्या आरोप लगाए
पीड़ित किसान Vikram Devda और Satish Devda के अनुसार उनके परिवार के पास करीब 22 बीघा जमीन कई पीढ़ियों से है।
किसानों का आरोप है कि कॉलोनी से जुड़े कुछ लोग अचानक रात में जमीन पर पहुंचे और वहां बाउंड्री निर्माण शुरू कर दिया। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई जमीन पर कब्जा करने की कोशिश के तहत की गई।
वहीं किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया।
- करीब 22 बीघा जमीन को लेकर विवाद
- किसानों ने पुश्तैनी जमीन होने का दावा किया
- रात में बाउंड्री निर्माण शुरू होने का आरोप
- विरोध करने पर धमकाने की बात कही गई
यह जानकारी मामले को और गंभीर बनाती है क्योंकि जमीन विवाद पहले भी सामने आ चुका है।
Indore Land Dispute: पहले भी हो चुका है विवाद
पीड़ितों के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब इस जमीन को लेकर विवाद हुआ हो। किसानों का कहना है कि 2 से 3 वर्ष पहले भी इसी जमीन को लेकर विवाद हुआ था।
उस समय प्रशासन ने सीमांकन की प्रक्रिया कराई थी और तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर जमीन की नपती भी हुई थी। इसके बाद जमीन की सीमा तय कर दी गई थी।
हालांकि किसानों का कहना है कि इसके बावजूद अब फिर से उसी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से पुराने सीमांकन रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है।
- 2-3 वर्ष पहले भी जमीन विवाद हुआ था
- प्रशासन ने सीमांकन कराया था
- जमीन की सीमा पहले तय की जा चुकी थी
- किसानों ने पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग की
दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि रालामंडल और बाईपास से जुड़े क्षेत्रों में जमीन की कीमत बढ़ने के कारण ऐसे विवाद लगातार बढ़ रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन से लगाई गुहार
घटना के बाद किसानों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। इसके अलावा तेजाजी नगर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं प्रशासन से भी जमीन के दस्तावेज, सीमांकन रिपोर्ट और मौके की स्थिति की जांच करने की मांग की गई है।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
- डायल 112 पर सूचना दी गई
- तेजाजी नगर थाने में शिकायत दर्ज हुई
- प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
- किसानों ने सुरक्षा देने की मांग की
फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
रालामंडल क्षेत्र में क्यों बढ़ रहे हैं जमीन विवाद
रालामंडल, बाईपास और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से कॉलोनियों और प्रोजेक्ट्स का विकास हुआ है। यही वजह है कि जमीन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन क्षेत्रों में पुराने रिकॉर्ड, सीमांकन और राजस्व दस्तावेज स्पष्ट नहीं होते, वहां विवाद की संभावना बढ़ जाती है।
इसी बीच प्रशासन भी लगातार लोगों से अपील करता रहा है कि जमीन खरीदने या बेचने से पहले सीमांकन, नक्शा और रिकॉर्ड की जांच जरूर कर लें।

