Indore में Water Crisis और Drinking Water Quality को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। Indore Water Quality Report 2026 को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर निगम, राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।
कांग्रेस का दावा है कि शहर के विभिन्न इलाकों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। हालांकि इन दावों पर नगर निगम और प्रशासन की ओर से आधिकारिक वैज्ञानिक सत्यापन अभी बाकी है।
240 Water Samples की जांच का दावा
Jitu Patwari ने बताया कि 3 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच सुबह 6 बजे से 8 बजे तक Indore के विभिन्न क्षेत्रों और लगभग 29 वार्डों से Water Samples लिए गए।
कांग्रेस के अनुसार:
- कुल 240 Water Samples एकत्र किए गए
- जांच के लिए Samples को Delhi Laboratory भेजा गया
- 259 पेज की रिपोर्ट प्राप्त हुई
दावे के मुताबिक 240 में से 98 Samples निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
Sudama Nagar, Tilak Nagar और Patrakar Colony का भी उल्लेख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों के Water Samples में E-Coli और Coliform Bacteria पाए गए हैं।
रिपोर्ट में जिन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया उनमें:
- Sudama Nagar
- Tilak Nagar
- Patrakar Colony
जैसे इलाके शामिल बताए गए।
कांग्रेस का आरोप है कि ऐसे बैक्टीरिया सीवेज या दूषित जल स्रोतों की ओर संकेत कर सकते हैं।
Public Health को लेकर जताई चिंता
Jitu Patwari ने कहा कि यदि रिपोर्ट के निष्कर्ष सही हैं तो यह केवल Water Supply का मामला नहीं बल्कि Public Health से जुड़ा गंभीर विषय है।
उन्होंने दावा किया कि दूषित पानी से:
- Typhoid
- Diarrhea
- Jaundice
- Hepatitis A/E
- Dysentery
जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी निष्कर्ष के लिए अधिकृत चिकित्सा और वैज्ञानिक एजेंसियों की पुष्टि आवश्यक होगी।
Chlorine Level पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने दावा किया कि कई Samples में Chlorine Level निर्धारित सीमा से कम पाया गया।
Patwari ने सवाल उठाया कि क्या नागरिकों तक पर्याप्त रूप से उपचारित पानी पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरी रिपोर्ट सांसद, विधायकों, महापौर और नगर निगम अधिकारियों को भी सौंपी जाएगी।
Municipal Commissioner Kshitij Singhal ने क्या कहा?
Indore Municipal Corporation Commissioner Kshitij Singhal ने कहा कि रिपोर्ट को देखे बिना कोई अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि Water Sampling एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और रिपोर्ट की विश्वसनीयता काफी हद तक Sample Collection Methodology पर निर्भर करती है।
उन्होंने संकेत दिया कि रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
Water Crisis को लेकर कांग्रेस का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Jitu Patwari ने मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav, Urban Administration Department, सांसद, महापौर और नगर निगम प्रशासन को भी Water Crisis को लेकर घेरा।
उन्होंने Water Supply Management और Monitoring System पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।
अब आगे क्या?
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि:
- नगर निगम रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच कराता है या नहीं
- Water Quality को लेकर आधिकारिक परीक्षण क्या कहते हैं
- नागरिकों के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं
Indore में Water Quality और Drinking Water Safety का मुद्दा आने वाले दिनों में और चर्चा में रह सकता है।
नोट: रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि और वैज्ञानिक सत्यापन होना शेष है।
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