India NEET Telegram Ban : Re-Exam से पहले Telegram पर अस्थायी रोक, NTA ने बताया जरूरी कदम

Dainik R Times
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India NEET UG 2026 Telegram Ban

India NEET UG 2026 Telegram Ban: री-एग्जाम से पहले सरकार का बड़ा फैसला, NTA ने किया समर्थन

India NEET UG 2026 Telegram Ban देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने Telegram ऐप पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह कदम फर्जी प्रश्न पत्रों और परीक्षा से जुड़े धोखाधड़ी नेटवर्क पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

16 जून 2026 की ताजा जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने NTA की सिफारिश पर Telegram की पहुंच 22 जून तक सीमित कर दी है। इसके अलावा, कुछ फीचर्स पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

India NEET UG 2026 Telegram Ban क्यों लगाया गया?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का कहना है कि कुछ समूह Telegram का उपयोग फर्जी प्रश्न पत्र, गलत दावे और कथित परीक्षा धोखाधड़ी के लिए कर रहे थे। इससे छात्रों में भ्रम और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ रही थी।

NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि यदि छात्रों की इन चैनलों तक पहुंच सीमित होती है, तो कथित धोखाधड़ी नेटवर्क की प्रभावशीलता भी कम होगी। उनका कहना है कि इससे छात्रों को भ्रामक सामग्री और फर्जी दावों से बचाने में मदद मिलेगी।

NEET-UG 2026 री-एग्जाम की पृष्ठभूमि क्या है?

NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा मई में आयोजित हुई थी। इसके बाद राजस्थान समेत कुछ राज्यों से कथित पेपर लीक के आरोप सामने आए। बाद में परीक्षा रद्द कर दी गई और पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस परीक्षा से करीब 22 लाख से अधिक उम्मीदवार जुड़े हैं।

सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

सरकार और NTA ने इस बार सुरक्षा के कई स्तर लागू किए हैं:

  • परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन
  • CCTV और AI आधारित निगरानी
  • प्रश्न पत्रों की सुरक्षित ढुलाई
  • केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय
  • उच्च स्तरीय निगरानी व्यवस्था

इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?

NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी अफवाहें और फर्जी सामग्री लाखों छात्रों को प्रभावित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी और जागरूकता, दोनों ही परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा पर हैं। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद परिणाम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, Telegram पर लगाए गए प्रतिबंध की समीक्षा 22 जून के बाद की जा सकती है।

Source Reference:

ANI, NTA के सार्वजनिक बयान, शिक्षा मंत्रालय और मीडिया रिपोर्ट्स।

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