Indore Rabies Cases: इंदौर में बढ़े डॉग बाइट के मामले, अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
Indore Rabies Cases को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इंदौर के शासकीय सर सेठ हुकुमचंद अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में डॉग बाइट के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी के बाद से मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी हो गया है।
इंदौर के कई रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सामने सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डॉग बाइट को हल्के में लेना गंभीर परिणाम दे सकता है।
Indore Rabies Cases में रोज 200 से 250 मरीज पहुंच रहे अस्पताल
हुकुमचंद अस्पताल के प्रभारी डॉ. आर. के. पटेल ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 200 से 250 डॉग बाइट के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बच्चों और महिलाओं में डॉग बाइट के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। जून महीने के दौरान मुसाखेड़ी और विजय नगर क्षेत्र से सबसे ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंचे।
डॉक्टरों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा डोज लेने की दी सलाह
डॉ. पटेल ने कहा कि डॉग बाइट होने पर सबसे पहले घाव को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए अस्पताल जाकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील की कि एंटी-रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें। अधूरा टीकाकरण भविष्य में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश और गर्मी के मौसम में आवारा कुत्तों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि डॉग बाइट की घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखी जाती है।
इसके अलावा रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से प्रभावी नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
क्या करें अगर कुत्ता काट ले?
- घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोएं।
- बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल जाएं।
- डॉक्टर की सलाह पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं।
- पूरा वैक्सीन कोर्स अवश्य पूरा करें।
- किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।
डॉक्टरों की अपील
हुकुमचंद अस्पताल के चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि डॉग बाइट के बाद घरेलू उपचार या अफवाहों पर भरोसा न करें। समय पर इलाज और पूरा टीकाकरण ही रेबीज से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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Official Source: https://ncdc.mohfw.gov.in

