Japan Kumamoto Earthquake: 48 हजार घरों की बिजली गुल, सड़कें फटीं

Dainik R Times
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Japan Kumamoto Earthquake के बाद क्षतिग्रस्त सड़क और राहत कार्य

जापान के कुमामोटो में 6.8 तीव्रता का भूकंप, 40 से ज्यादा घायल, 48 हजार घरों की बिजली गुल


जापान के कुमामोटो में 6.8 तीव्रता का भूकंप, 40 से ज्यादा घायल, 48 हजार घरों की बिजली गुल

टोक्यो/कुमामोटो। Japan Kumamoto Earthquake ने मंगलवार को जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू के कुमामोटो प्रांत को हिला दिया। जापान मौसम एजेंसी (JMA) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गई। शुरुआती रिपोर्ट में इसे 7.1 बताया गया था। भूकंप का केंद्र उटो शहर के पास 10 किलोमीटर की गहराई में था। झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया। अब तक 40 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि 48,300 से ज्यादा घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई।


मुख्य बातें

  • कुमामोटो में 6.8 तीव्रता का भूकंप।
  • 40 से ज्यादा लोग घायल।
  • 48,300 से अधिक घरों की बिजली गुल।
  • सड़कों में दरारें और कई इमारतों को नुकसान।
  • सुनामी चेतावनी बाद में वापस ली गई।
  • राहत और बचाव अभियान जारी।

Japan Kumamoto Earthquake: क्या हुआ?

जापान मौसम एजेंसी (JMA) के मुताबिक भूकंप का केंद्र उटो शहर के पास था। इसके बाद तेज झटके पूरे कुमामोटो और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए। वहीं, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुनामी अलर्ट जारी किया। बाद में स्थिति सामान्य होने पर चेतावनी वापस ले ली गई।


कितना नुकसान हुआ?

रॉयटर्स के अनुसार 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, 48,300 से ज्यादा घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई इलाकों में सड़कों पर बड़ी दरारें दिखाई दीं। कुछ स्थानों पर दीवारें गिरने और आग लगने की भी सूचना मिली। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।


आफ्टरशॉक का खतरा अभी भी बना

जापान मौसम एजेंसी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस बीच, 4.2 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक और झटके महसूस हो सकते हैं। इसलिए लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की अपील की गई है।


क्यों बार-बार आते हैं जापान में भूकंप?

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। दरअसल, यह प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है। यहां चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इसी कारण हर साल करीब 1,500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। हालांकि, सख्त भवन मानकों और आधुनिक चेतावनी प्रणाली की वजह से बड़े नुकसान को काफी हद तक कम किया जाता है।


प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल तैनात कर दिए हैं। साथ ही, सेना भी बचाव कार्य में जुटी है। बिजली कंपनी क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर रही है। प्रशासन ने लोगों से टूटे बिजली के तारों से दूर रहने की अपील की है।


आगे क्या होगा?

विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, आफ्टरशॉक की संभावना अभी बनी हुई है। अंततः, नुकसान का पूरा आकलन होने के बाद प्रशासन विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।


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