Indore DAVV Jansunwai में छात्रों की समस्याओं पर सुनवाई, LLB कॉपियां दोबारा जांच के लिए भेजीं
इंदौर। Indore DAVV Jansunwai में मंगलवार को करीब 25 छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। छात्रों ने पुराने ऑर्डिनेंस, एलएलबी परीक्षा, मार्कशीट और डिग्री से जुड़े मामले उठाए। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शिकायतें सुनकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा, कई लंबित मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया।
Indore DAVV Jansunwai में किन समस्याओं पर हुई सुनवाई?
सबसे पहले, विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि जनसुनवाई में कुल 25 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक मामले पुराने ऑर्डिनेंस के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों के थे। छात्र नए ऑर्डिनेंस 14-ए में शामिल होने की मांग कर रहे थे।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा पूरी हो चुकी है। इसलिए पुराने छात्रों को सीधे नए ऑर्डिनेंस में शामिल नहीं किया जा सकता। यदि वे पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं तो उन्हें फिर से प्रथम वर्ष में प्रवेश लेना होगा।
Indore DAVV Jansunwai में LLB छात्रों को मिली राहत
इसी दौरान, एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के 15 से 20 छात्रों ने इंस्टीट्यूशनल लॉ और फैमिली लॉ विषय में कम अंक मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद, विश्वविद्यालय ने संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा सैंपलिंग और जांच के लिए भेजने का निर्णय लिया। इससे छात्रों को निष्पक्ष मूल्यांकन की उम्मीद मिली है।
मार्कशीट और डिग्री के मामलों का हुआ समाधान
साथ ही, कई छात्र लंबित मार्कशीट और डिग्री जारी नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंचे थे।
वहीं, परीक्षा विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद कई छात्रों की मार्कशीट और डिग्री जारी कर दी। इससे विद्यार्थियों को तत्काल राहत मिली।
पुराने ऑर्डिनेंस वाले छात्रों के लिए क्या विकल्प?
इसके अलावा, परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पांच वर्ष या उससे अधिक पुराने पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को पहले भी अंतिम अवसर दिए जा चुके हैं।
अब, नई शिक्षा नीति (NEP) और नए ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद पुरानी व्यवस्था में परीक्षा कराना संभव नहीं है। इसलिए ऐसे छात्रों के पास नए सिरे से प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने का ही विकल्प बचा है।
परीक्षा नियंत्रक ने क्या कहा?
इस दौरान, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रत्येक शिकायत का नियमानुसार समाधान कर रहा है। जिन मामलों में पुनर्मूल्यांकन संभव है, वहां प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, नियमों से जुड़े मामलों में छात्रों को स्पष्ट जानकारी भी दी जा रही है।
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