इंदौर जिला अस्पताल विवाद: वायरल वीडियो पर डॉक्टर की सफाई, 300 में सिर्फ 50 बेड चालू
इंदौर। Indore District Hospital Controversy के बीच 83 करोड़ रुपये से बने नए जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में परिजन मरीज को स्ट्रेचर के बिना ले जाते दिखाई दिए। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि मरीज के परिजन निर्माणाधीन पीछे वाले गेट से पहुंचे थे। इसी कारण उन्हें तुरंत स्ट्रेचर नहीं मिल पाया। प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया।
Indore District Hospital Controversy पर अस्पताल प्रबंधन की सफाई
वहीं, सीनियर सर्जन डॉ. भूपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मरीज बिजोलामर्ग क्षेत्र से आया था। परिजन गलती से निर्माणाधीन प्रवेश द्वार की ओर चले गए थे।
इसके बाद, सूचना मिलते ही मरीज को ऑटो से मुख्य गेट तक लाया गया। वहां से स्ट्रेचर पर अस्पताल के भीतर भेजा गया। डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में स्ट्रेचर और वार्डबॉय उपलब्ध थे।
Indore District Hospital Controversy में अभी अधूरी हैं कई सुविधाएं
साथ ही, डॉ. शेखावत ने बताया कि कर्मचारियों की उपस्थिति सार्थक ऐप के जरिए दर्ज होती है। घटना के समय सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी भी निरीक्षण पर मौजूद थे।
बाद में, स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध वीडियो और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
अस्पताल की मौजूदा स्थिति
इसी दौरान, यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को इस अस्पताल का उद्घाटन किया था। इसके बावजूद अस्पताल अभी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहा है।
300 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में फिलहाल केवल 50 बेड चालू हैं। अभी मुख्य रूप से मातृत्व सेवाएं ही उपलब्ध हैं।
पानी, लिफ्ट और उपकरणों पर सवाल
इसके अलावा, अस्पताल परिसर में पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था अभी नहीं है। मरीजों और परिजनों को बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है।
वहीं, अस्पताल की लिफ्ट भी अभी चालू नहीं हुई है। इसलिए मरीजों और परिजनों को सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ रहा है।
मेटरनिटी ओटी, एनआईसीयू और कई वार्ड तैयार हैं। हालांकि, आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं होने से उनका उपयोग शुरू नहीं हो सका है।
आगे क्या होगा
साथ ही, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शेष सुविधाएं भी चरणबद्ध तरीके से जल्द शुरू की जाएंगी, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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