Indore IDA Scheme 171 Controversy: CEO ने दिया समाधान का आश्वासन

Dainik R Times
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Indore IDA Scheme 171 Controversy

Indore IDA Scheme 171 Controversy: प्लॉट धारकों ने घेरा IDA कार्यालय, हनुमान चालीसा पढ़कर जताया विरोध

Indore IDA Scheme 171 Controversy को लेकर गुरुवार को इंदौर में प्लॉट धारकों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) कार्यालय पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। कई लोगों ने काली पट्टी बांध रखी थी। वहीं मांगों से जुड़ी टी-शर्ट पहनकर भी लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान IDA परिसर के सभागार में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने Scheme 171 से जुड़ी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

Indore IDA Scheme 171 Controversy में प्लॉट धारकों ने किया प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से Scheme 171 से जुड़ी समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

उनका दावा है कि करीब 6 हजार प्लॉट धारक इस विवाद से प्रभावित हैं। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्होंने योजना से संबंधित राशि जमा कर दी है। इसके बावजूद उन्हें अपने प्लॉट पर निर्माण और योजना से मुक्ति को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने IDA से इस मामले में स्पष्ट और स्थायी समाधान की मांग की।

33 साल के संघर्ष का दावा

प्लॉट धारकों का कहना है कि वे करीब 33 साल से संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण कई परिवार अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे हैं।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध हाईकोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान Scheme No. 171 की Section 50(2) अधिसूचना 10 जून 2009 को जारी हुई थी।

इससे पहले 1993 में Scheme No. 132 का विवाद था। बाद में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद IDA ने Scheme 171 का रास्ता अपनाया था। इसलिए “33 साल से Scheme 171” कहना तकनीकी रूप से सही नहीं है। 33 साल का दावा प्रदर्शनकारियों के व्यापक/पुराने विवाद से जुड़े संघर्ष का दावा है।

हनुमान चालीसा पढ़कर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान कई लोग काली पट्टी बांधकर IDA कार्यालय पहुंचे। उनके हाथों में मांगों से जुड़ी तख्तियां भी थीं।

इसके बाद IDA के सभागार में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी मांगों के समर्थन में विरोध का तरीका बताया।

इसके साथ ही उन्होंने IDA के खिलाफ नारेबाजी की और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

IDA CEO ने बोर्ड बैठक में मामला रखने का आश्वासन दिया

प्रदर्शन के दौरान IDA CEO परीक्षित झाड़े ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, CEO ने उनका ज्ञापन लिया और मामले को IDA बोर्ड की बैठक में रखने का आश्वासन दिया।

उन्होंने जल्द उचित निराकरण की दिशा में कार्रवाई की बात कही। हालांकि, मांगों पर अंतिम निर्णय बोर्ड और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

Indore IDA Scheme 171 Controversy का कानूनी इतिहास

Scheme 171 का मामला पहले भी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंच चुका है।

1 अप्रैल 2024 के हाईकोर्ट आदेश में दर्ज है कि IDA ने Scheme 171 को आगे विकसित नहीं करने और उसे ड्रॉप करने की बात अदालत के सामने रखी थी। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, योजना के विकास पर IDA की ओर से करीब ₹5.84 करोड़ खर्च होने की बात भी बताई गई थी।

अदालत ने उस मामले में Scheme 171 को लागू नहीं किए जाने की स्थिति में याचिकाओं को निष्प्रभावी माना। हालांकि, विकास कार्य पर हुए खर्च की संभावित वसूली को अलग कार्रवाई का विषय बताया गया था।

इसलिए आज के प्रदर्शन को केवल “योजना अभी भी लागू है” के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। विवाद का एक बड़ा हिस्सा प्लॉट धारकों की स्थिति, योजना से मुक्ति और संभावित विकास शुल्क/वसूली से जुड़ा है।

2026 में भी Scheme 171 से जुड़े कानूनी सवाल

अगस्त 2026 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के एक अन्य मामले में Scheme 171 का उल्लेख आया।

इस फैसले में अदालत ने रिकॉर्ड के आधार पर बताया कि Scheme 171 की घोषणा 2009 में हुई थी। अदालत ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में पहले से मिली development permission के बावजूद जमीन को योजना में शामिल किया गया।

अदालत ने IDA की समान मामलों में अलग-अलग कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए “pick and choose” policy की टिप्पणी की और समान मामलों में uniform policy अपनाने की बात कही।

यह फैसला आज के प्रदर्शन पर सीधे आदेश के रूप में नहीं है। लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि Scheme 171 से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक सवाल हाल के वर्षों में भी अदालतों के सामने आते रहे हैं।

IDA की वेबसाइट पर Scheme 171 का रिकॉर्ड मौजूद

IDA की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में “SCHEME NO 171” का रिकॉर्ड दिखाई देता है। इससे यह स्पष्ट है कि योजना से जुड़े दस्तावेज और नोटिफिकेशन अभी भी IDA के ऑनलाइन रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं।

हालांकि, वेबसाइट पर रिकॉर्ड का मौजूद होना यह साबित नहीं करता कि योजना आज भी उसी मूल रूप में लागू की जा रही है। 2024 के हाईकोर्ट रिकॉर्ड में IDA की ओर से योजना को आगे विकसित नहीं करने की स्थिति दर्ज है।

प्लॉट धारकों ने दी अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।

उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।

अब प्रदर्शनकारियों की नजर IDA बोर्ड की आगामी बैठक और उसमें Scheme 171 से संबंधित निर्णय पर है।

फिलहाल CEO की ओर से मामला बोर्ड के सामने रखने का आश्वासन दिया गया है। Scheme 171 विवाद का अंतिम समाधान प्रशासनिक निर्णय और जरूरत पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

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