IDA Scheme 171: 33 साल से इंतजार, हनुमान चालीसा से विरोध
इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण यानी IDA परिसर में IDA Scheme 171 को लेकर गुरुवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। स्कीम नंबर 171 से जुड़े पीड़ित परिवार समीक्षा हॉल में पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध जताया। उनका आरोप है कि लंबे समय से योजना से मुक्ति का इंतजार किया जा रहा है।
IDA Scheme 171 को लेकर पीड़ितों का विरोध
सबसे पहले, प्रदर्शनकारी परिवार IDA परिसर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने समीक्षा हॉल के अंदर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जमीन और मकान से जुड़े मामले के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, करीब 33 साल से योजना से मुक्ति की मांग लंबित है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों में वरिष्ठ नागरिक और उनके परिवार भी शामिल रहे। उन्होंने IDA की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई।
IDA की आधिकारिक वेबसाइट पर भी वर्तमान में Scheme No. 171 का उल्लेख मौजूद है।
Scheme 171 में प्रतिफल राशि को लेकर विवाद
इसके बाद, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उन्होंने योजना से संबंधित पूर्ण प्रतिफल राशि जमा कर दी है। इसके बावजूद जमीन को योजना से मुक्त नहीं किया जा रहा है।
उनका कहना है कि योजना से जमीन मुक्त नहीं होने के कारण कई परिवार अपने मकान का निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में जल्द समाधान की मांग की।
साथ ही, उनका आरोप है कि लंबे समय से मामला लंबित रहने के कारण परिवारों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड से नहीं हो सकी है। इसलिए इन्हें फिलहाल प्रदर्शनकारियों के आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
IDA Scheme 171 का मामला अदालत तक पहुंच चुका है
इस बीच, स्कीम नंबर 171 से जुड़े भूमि और विकास संबंधी विवादों का न्यायिक रिकॉर्ड भी मौजूद है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 3 अगस्त 2026 के एक आदेश में स्कीम नंबर 171 से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख किया गया है।
अदालत के रिकॉर्ड में बताया गया है कि एक मामले में योजना संख्या 171 के तहत भूमि शामिल किए जाने और पहले से स्वीकृत लेआउट से जुड़े विवाद पर न्यायिक प्रक्रिया चली थी। रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि संबंधित मामले में योजना 171 की घोषणा 19 जून 2009 को हुई थी।
हालांकि, यह न्यायिक मामला प्रदर्शनकारियों द्वारा आज उठाए गए सभी दावों का स्वतः समाधान या अंतिम पुष्टि नहीं माना जा सकता।
हनुमान चालीसा पाठ कर जताई नाराजगी
इसी दौरान, प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। समीक्षा हॉल में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब वे चाहते हैं कि IDA उनकी समस्या पर ठोस निर्णय ले।
बाद में, प्रदर्शनकारियों ने योजना से जुड़े मामलों का निराकरण करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग दोहराई।
पीड़ितों की मांग क्या है?
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- स्कीम नंबर 171 से संबंधित भूमि को योजना से मुक्त करने की कार्रवाई।
- पूर्ण प्रतिफल राशि जमा करने वाले प्रभावित परिवारों के मामलों का समाधान।
- वर्षों से लंबित मामलों पर स्पष्ट निर्णय।
- मकान निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करना।
- वरिष्ठ नागरिकों और प्रभावित परिवारों को राहत देना।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक योजना संबंधी स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक कई परिवार अपनी जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
आगे, इस मामले में IDA की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और प्रभावित परिवारों के दस्तावेज सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

