UPI Merchant Fee Protest: इंदौर में पोस्टर अभियान आज से

Dainik R Times
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UPI Merchant Fee Protest

UPI Merchant Fee Protest: इंदौर में आज से पोस्टर अभियान, 10 लाख स्क्रीन तक संदेश

इंदौर। UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट फीस को लेकर इंदौर के व्यापारियों ने जागरूकता अभियान शुरू करने की तैयारी की है। UPI Merchant Fee Protest के तहत 18 सितंबर से बाजारों और दुकानों पर पोस्टर लगाए जाएंगे।

इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अनुसार, इसके साथ सोशल मीडिया पर भी अभियान चलाया जाएगा। संगठन ने डिजिटल अभियान के जरिए 10 लाख मोबाइल स्क्रीन तक संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

UPI Merchant Fee Protest आज से शुरू

वहीं, एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन के अनुसार 18 सितंबर को दोपहर 1 बजे से अलग-अलग बाजारों में पोस्टर लगाए जाएंगे। पोस्टरों के जरिए व्यापारियों और ग्राहकों को प्रस्तावित मर्चेंट फीस की जानकारी दी जाएगी।

संगठन का कहना है कि अभियान किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है। इसे व्यापारियों और उपभोक्ताओं की संभावित लागत संबंधी चिंता सामने रखने की पहल बताया गया है।

10 लाख मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचने का लक्ष्य

इसके अलावा, पोस्टर अभियान के साथ Instagram, WhatsApp, Facebook और X पर डिजिटल कैंपेन चलाया जाएगा। एसोसिएशन ने इसके जरिए 10 लाख मोबाइल स्क्रीन तक संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

अभियान में सरल उदाहरणों से मर्चेंट फीस और उसके संभावित प्रभाव को समझाने की बात कही गई है। संगठन ने इसके लिए कॉल सेंटर को भी अभियान से जोड़ने की जानकारी दी है।

₹2000 से ऊपर के UPI भुगतान पर क्या बदलेगा?

साथ ही, मौजूदा रिपोर्टों के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र person-to-merchant UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने की व्यवस्था है। कुछ श्रेणियों में शुल्क की सीमा भी तय है।

इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे UPI भुगतान पर 18% GST लगेगा। 18% GST लागू MDR राशि पर है। GST-पंजीकृत कारोबारी पात्रता के अनुसार इस GST का input tax credit ले सकते हैं।

व्यापारियों को किस बात की चिंता?

इसी दौरान, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि MDR से डिजिटल भुगतान की लागत बढ़ सकती है। संगठन इस संभावित लागत को व्यापारियों और उपभोक्ताओं तक समझाने का अभियान चला रहा है।

व्यापारी संगठनों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भी नए UPI शुल्क ढांचे पर चिंता जताई है। Reuters के अनुसार, Retailers Association of India समेत कुछ कारोबारी संगठनों ने शुल्क को लेकर विरोध दर्ज कराया है।

18% GST को लेकर भी अभियान

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 18% GST पूरे ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर नहीं है। GST लागू होने पर वह MDR शुल्क की राशि पर लगेगा।

उदाहरण के लिए, यदि किसी पात्र लेन-देन पर ₹40 MDR बनता है, तो 18% GST ₹40 पर होगा। यानी GST ₹7.20 होगा। इस तरह कुल MDR और GST लागत ₹47.20 बन सकती है।

व्यापारियों की बैठक भी आज

इसके बाद, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने 18 सितंबर की शाम व्यापारियों की बैठक भी रखी है। बैठक में UPI मर्चेंट फीस और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

एसोसिएशन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य व्यापारियों और उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचाना है। संगठन ने इसे राजनीतिक अभियान के बजाय लागत संबंधी चिंता का मुद्दा बताया है।

UPI शुल्क पर आगे क्या?

अब, UPI शुल्क व्यवस्था और उसके लागू होने के तरीके पर व्यापारियों की प्रतिक्रिया जारी है। केंद्र की ओर से सामने आए स्पष्टीकरण के अनुसार GST MDR पर लागू होगा, पूरे भुगतान मूल्य पर नहीं।

इंदौर में पोस्टर और डिजिटल अभियान के जरिए व्यापारी इस मुद्दे को ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। अभियान का असर आने वाले दिनों में बाजारों और व्यापारिक संगठनों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा।

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