Jitu Patwari Press Conference: शिक्षा पर सरकार से सवाल

Dainik R Times
6 Min Read

Jitu Patwari Press Conference: शिक्षा, पेपर लीक और भर्ती को लेकर सरकार से सवाल

इंदौर। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। Jitu Patwari Press Conference में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक पदों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए।

पटवारी ने 16 सितंबर को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने शिक्षा और रोजगार से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा। राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है।

Jitu Patwari Press Conference में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

वहीं, पटवारी ने देश और मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर नहीं मिलने से जनसांख्यिकीय लाभांश का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, पटवारी ने अपने दावों के समर्थन में AISHE, UDISE+, Economic Survey और NITI Aayog जैसे स्रोतों से जुड़े आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने शिक्षा से रोजगार तक स्पष्ट और समयबद्ध व्यवस्था की जरूरत बताई।

शिक्षक पदों और सरकारी स्कूलों का मुद्दा

इसके अलावा, पटवारी ने मध्य प्रदेश में शिक्षकों के खाली पदों और सरकारी स्कूलों की स्थिति का मुद्दा उठाया। उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 69,667 शिक्षक पद खाली हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश में 2,269 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक शिक्षक है। इन स्कूलों में करीब 2.29 लाख बच्चों के पढ़ने का आंकड़ा उन्होंने बताया। ये आंकड़े पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए थे।

पटवारी ने सरकार से शिक्षक पदों को भरने और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

उच्च शिक्षा में खाली पदों का भी जिक्र

साथ ही, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उच्च शिक्षा के रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया गया। पटवारी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश की 17 सरकारी यूनिवर्सिटी में 1,949 स्वीकृत फैकल्टी पदों में से 1,585 पद खाली बताए गए।

इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने उच्च शिक्षा में नियुक्तियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, ये आंकड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल

इसके बाद, पटवारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों पर सवाल करते हुए युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताई।

पटवारी ने पेपर लीक के मामलों में कड़े कानून की मांग की। उन्होंने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। उनके कुछ बयानों में पेपर लीक को ‘देशद्रोह’ की श्रेणी में लाने की मांग भी शामिल रही है। यह उनकी राजनीतिक मांग है, मौजूदा कानून का वर्णन नहीं।

‘छात्रों की गूंज’ में शिक्षा और रोजगार प्रमुख मुद्दे

इसी दौरान, कांग्रेस 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे।

कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम का फोकस शिक्षा की सुरक्षा, छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी थीं।

कार्यक्रम स्थल को लेकर प्रशासन से विवाद

हालांकि, कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच स्थल और शुल्क से जुड़ा विवाद भी सामने आया है। राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था। अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख और स्थल में बदलाव किया गया।

बाद में कार्यक्रम के लिए इंदौर में दूसरे स्थल की व्यवस्था की गई। मैदान के इस्तेमाल और शुल्क को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए इस विवाद से जुड़े आंकड़ों को संबंधित पक्षों के बयान के साथ देखना जरूरी है।

सरकार से श्वेतपत्र और रिक्त पद भरने की मांग

इसके अलावा, कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने खाली शिक्षक पद भरने और सरकारी स्कूलों तथा विश्वविद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही है।

कांग्रेस ने शिक्षा से रोजगार तक एक स्पष्ट और समयबद्ध रोडमैप की भी मांग रखी है। ये मांगें पार्टी की ओर से रखी गई हैं।

सरकार के जवाब पर नजर

अब, जीतू पटवारी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए मुद्दों पर सरकार और सत्तारूढ़ दल की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर शिक्षक पदों, स्कूलों और उच्च शिक्षा से जुड़े आंकड़ों पर आधिकारिक जवाब आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी शिक्षा और रोजगार के मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद प्रस्तावित है।

Share This Article
Leave a comment