Jamui Girl Case: मुख्य आरोपी नंदन यादव को पैर में लगी गोली

Dainik R Times
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Jamui Girl Case

Jamui Girl Case: नंदन यादव का एनकाउंटर, 6 गिरफ्तार; भागने की कोशिश के दौरान पैर में लगी गोली

जमुई: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नंदन ने भागने की कोशिश की। इसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, नंदन वही आरोपी है जिसकी पहचान वायरल वीडियो में लाल गमछे से ढके चेहरे वाले युवक के रूप में की गई थी। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल 6 गिरफ्तारियां होने की जानकारी सामने आई है। इनमें तीन नाबालिग बताए गए हैं।

Jamui Girl Case में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी हरे राम यादव को भी पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, वह भी भागने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान गिरने से उसके पैर में चोट आई। उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामले में इससे पहले तीन नाबालिगों को पकड़ा गया था। इसके अलावा वायरल वीडियो प्रसारित करने के आरोप में भी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।

जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की है। शुरुआती प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता और POCSO Act की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

Jamui Girl Case की घटना 19 सितंबर की

घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। दोनों पीड़ित नाबालिग छात्र-छात्रा 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों कोचिंग के बाद स्कूटी से मड़वा पहाड़ी की तरफ गए थे।

वापसी के दौरान रास्ते में युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गया।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की। वहीं, पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने या आपत्तिजनक वीडियो को साझा करने से रोकने के लिए भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कार्रवाई

वहीं, जमुई पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर साइबर कार्रवाई भी शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना और उसके संबंध में आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करना गंभीर मामला है। लोगों से वीडियो को डाउनलोड या शेयर नहीं करने की अपील भी की गई है।

इसके अलावा, पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया में भी जुटी है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया। आयोग ने बिहार के DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

आयोग ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी, पीड़ितों की सुरक्षा तथा जांच की प्रगति से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट के लिए सात दिन की समयसीमा की जानकारी सामने आई है।

Jamui Girl Case पर बिहार में सियासत

इसी दौरान जमुई की घटना को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और छात्रा के साथ हुए व्यवहार को लेकर बिहार सरकार से सवाल किया। उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सोच से जोड़कर टिप्पणी की।

RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी बिहार सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर टिप्पणी की। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े नेताओं ने पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का हवाला दिया है।

JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने घटना को लेकर कहा कि प्रशासन ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रहा है। उनके बयान में 2005 से पहले के बिहार की कानून-व्यवस्था का भी संदर्भ आया, जिस पर विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई।

पुलिस जांच में अब आगे क्या होगा?

अब पुलिस के सामने घटना में शामिल बाकी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। पुलिस वीडियो, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। SIT यह भी जांच करेगी कि घटना में कौन-कौन शामिल था और वीडियो किसने बनाया तथा किस तरह सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ।

मामला POCSO Act से जुड़ा होने के कारण नाबालिग पीड़ितों की पहचान और उनकी निजता की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसलिए सोशल मीडिया पर वीडियो या पहचान संबंधी सामग्री साझा करने से बचना जरूरी है।

फिलहाल मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस की गिरफ्त में है और पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। दूसरे आरोपी हरे राम यादव के घायल होने की भी जानकारी है। पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तारियों की संख्या 6 बताई जा रही है।

जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि प्रत्येक आरोपी की घटना में क्या भूमिका थी।

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