अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन में ईरान को कड़ी धमकी दी। उन्होंने कहा कि उनके सामने दो विकल्प हैं — ईरान को फिर से खड़ा होने देने वाला समझौता, या इस्लामिक गणराज्य का तेजी से ‘खात्मा’। इस Trump UNGA speech के लाइव अपडेट के मुताबिक पूरी दुनिया की नजर इस संबोधन पर टिकी थी।
Trump UNGA speech में Iran पर क्या बोले
ट्रंप ने कहा, “क्या मैं उन्हें बिना जीने की उम्मीद के नरक में धकेल दूं?” उन्होंने दावा किया कि चुनाव के ठीक बाद डील हो जाएगी, क्योंकि ईरान के लिए डील न करने का कोई मतलब नहीं है। ट्रंप के ईरान वाले हिस्से पर बोलते ही ईरानी प्रतिनिधिमंडल सभागार से बाहर निकल गया।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के पूर्ण अलगाव के लिए सभी देशों से साथ आने का आह्वान करता है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहले संकेत दिए थे कि ट्रंप ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात के लिए तैयार हैं। ईरानी अधिकारियों ने हालांकि ऐसी किसी बैठक से इनकार किया है।
Cuba ‘गिरेगा’, Venezuela से सबसे बड़ी Oil Deal
ट्रंप ने क्यूबा सरकार को ‘पूरी तरह नाकाम राज्य’ बताया और भविष्यवाणी की कि वह ‘गिरेगी’। इस पर क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल भी सभागार से बाहर चला गया। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज परिला ने बाद में कहा कि क्यूबा किसी के लिए खतरा नहीं है।
वेनेजुएला पर ट्रंप ने जनवरी में हुए उस अमेरिकी ऑपरेशन का बचाव किया, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाया गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला मिलकर दुनिया के 60 प्रतिशत तेल पर नियंत्रण रखते हैं और यह इतिहास की सबसे बड़ी ऑयल डील है। हालांकि अमेरिकी ऊर्जा एजेंसी के आंकड़े इस दावे का समर्थन नहीं करते।
UN और ICC पर भी निशाना
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के बजट में 15 प्रतिशत कटौती और 4,000 नौकरियां घटाने का दावा किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और समुद्री संगठन के कार्बन टैक्स प्रस्ताव की आलोचना की। साथ ही AI पर वैश्विक नियंत्रण की किसी भी योजना को खारिज कर दिया।
करीब 40 मिनट के भाषण में ट्रंप ने अर्थव्यवस्था, ग्रीनलैंड में दो नए सैन्य ठिकानों और गाजा संघर्ष का भी जिक्र किया। उनका दावा था, “अमेरिका वापस आ गया है और पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है।” इससे पहले ट्रंप प्रशासन के रूसी तेल पर ट्रंप के 100% टैरिफ वाले कानून ने भी सुर्खियां बटोरी थीं।

