Indore ED: ₹70 करोड़ MD ड्रग्स केस में संपत्ति कुर्क

Dainik R Times
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इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की इंदौर टीम ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में कड़ा कदम उठाया है। करीब ₹70 करोड़ मूल्य की मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने हैदराबाद और मंदसौर में आरोपियों की ₹90 लाख से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियां अंतरिम रूप से कुर्क कर ली हैं।

ईडी के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने इस कार्रवाई का आदेश PMLA (धनशोधन निवारण अधिनियम) के तहत जारी किया है। एजेंसी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियां ड्रग्स तस्करी से अर्जित काले धन से खरीदी गई थीं। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

Indore ED drug case: क्राइम ब्रांच की FIR से खुला मामला

यह पूरा मामला इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल और अन्य के खिलाफ NDPS एक्ट, 1985 के तहत दर्ज FIR से शुरू हुआ था। इस FIR में करीब ₹70 करोड़ मूल्य की MD ड्रग्स के अवैध कब्जे और तस्करी का मामला दर्ज किया गया था।

इसी आधार पर ईडी ने PMLA के तहत केस दर्ज किया और आरोपियों के वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ड्रग्स तस्करी से भारी मात्रा में अवैध नकदी अर्जित की थी। इस रकम को छुपाने के लिए कई निजी और व्यावसायिक बैंक खातों के जरिए ट्रांजेक्शन किया गया था।

व्यापार की आड़ में तस्करी

ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने नियमित कारोबार की आड़ में नशीले पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल थे। दर्ज बयानों के आधार पर एजेंसी ने आरोपियों के वित्तीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। ड्रग्स तस्करी मामले की विस्तृत खबर यहां पढ़ें

इसी क्रम में हैदराबाद और मंदसौर में स्थित ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई, जिनका संबंध इस मामले से बताया जा रहा है। ईडी ने इन संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया है। कुर्क संपत्तियों का कुल मूल्य ₹90 लाख से अधिक बताया गया है।

जुलाई में हुई थी छापेमारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी ने 17 जुलाई 2026 को इंदौर और मंदसौर में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी के अनुसार, मामले की आगे की जांच जारी है। एजेंसी अब ड्रग सिंडिकेट के अन्य वित्तीय नेटवर्क और उन संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है, जिनका संबंध तस्करी से अर्जित धन से हो सकता है।

इंदौर में ही आज नो-UPI डे भी मनाया जा रहा है — पूरी खबर यहां पढ़ें।

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