अंतिम पंघाल को एशियाई खेल 2026 के महिला 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। जापान की मो कीयोका ने उन्हें 1-9 से हराकर गोल्ड जीता। अंतिम को सिल्वर पदक से संतोष करना पड़ा।
शनिवार शाम को आइची-नागोया में खेले गए फाइनल में जापानी पहलवान शुरू से ही हावी रहीं। कीयोका ने तकनीकी श्रेष्ठता दिखाते हुए अंक बटोरे और अंतिम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। हार के बावजूद अंतिम का सिल्वर भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। (फाइनल के लाइव अपडेट)
यह भारत का इस खेलों में छठा कुश्ती पदक है, और कुल मिलाकर 27वां रजत पदक है। अंतिम के लिए यह दूसरा एशियाई खेलों का पदक है — उन्होंने हांगझोउ 2022 में ब्रॉन्ज जीता था।
युवा सनसनी का सफर
अंतिम पंघाल को भारतीय कुश्ती का उभरता सितारा माना जाता है। वह पहले ही विश्व अंडर-20 चैंपियन बन चुकी हैं। फाइनल में पहुंची थीं अंतिम, लेकिन खिताबी मुकाबले में जापानी पहलवान का अनुभव भारी पड़ा।
इस सिल्वर के साथ भारत की कुश्ती में पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आज ही अमन सेहरावत ने 57 किलोग्राम में गोल्ड और दीपक पुनिया ने 97 किलोग्राम में ब्रॉन्ज जीता है। सुजीत कालकल का गोल्ड भी भारतीय कुश्ती के शानदार दिन की कहानी कहता है। कोचिंग स्टाफ का मानना है कि अंतिम जैसे युवा पहलवानों के आने से भारतीय कुश्ती का भविष्य उज्ज्वल है।
जापानी पहलवान का दबदबा
मो कीयोका के खिलाफ फाइनल में अंतिम की चुनौती कठिन थी। जापानी पहलवान अपने तेज मूवमेंट और मजबूत रक्षा के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मैच के हर चरण में अंक बनाए और अंतिम को उनके पसंदीदा दांव नहीं लगाने दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हार से अंतिम को अंतरराष्ट्रीय फाइनल के दबाव से निपटने का अनुभव मिलेगा।
अंतिम की उम्र अभी काफी कम है, और उनके सामने लंबे करियर की राह है। भारतीय कुश्ती में महिला पहलवानों का उदय जारी है, और अंतिम इस नई पीढ़ी की अगुआ हैं। अगले ओलंपिक चक्र में वह पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं।
