Follow Dainik Rajeev Times

Ayushman: MP में 8 Oct से अस्पतालों का बहिष्कार

Dainik R Times
3 Min Read

Ayushman MP Boycott की घोषणा से प्रदेश के लाखों मरीजों की चिंता बढ़ गई है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड डायग्नोस्टिक एसोसिएशन (UPHDA) ने आठ अक्टूबर से मध्य प्रदेश आयुष्मान भारत निरामयम (MP-ABN) योजना का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। संगठन का आरोप है कि सरकार ने छह महीने से भुगतान नहीं किया और NABH प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है।

Ayushman MP Boycott: 330 अस्पतालों पर असर

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर — इन चार बड़े शहरों के करीब 330 निजी अस्पतालों को NABH प्रमाणन न होने के कारण योजना से बाहर किया जा रहा है। इन शहरों में आयुष्मान योजना के तहत कुल 725 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। सिर्फ भोपाल में ही करीब 90 अस्पताल प्रभावित हो रहे हैं। UPHDA के महासचिव डॉ. विशाल बघेल ने कहा कि छह महीने के बकाया भुगतान और NABH सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के विरोध में यह फैसला लिया गया है।

सड़कों पर उतरे डॉक्टर

इससे पहले एक अक्टूबर को भोपाल में निजी अस्पतालों के डॉक्टर सड़कों पर उतर आए थे। UPHDA के बैनर तले डॉक्टर जेपी अस्पताल परिसर स्थित आयुष्मान योजना कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी की। संगठन के उपाध्यक्ष डॉ. धनंजय मिश्रा ने कहा कि सरकार को तुरंत सारे बकाया भुगतान करने चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि पांच-छह महीने से भुगतान नहीं मिला, जिससे दवा विक्रेताओं और स्टाफ को वेतन देना मुश्किल हो गया है।

सरकार का पक्ष

वहीं MP-ABN के सीईओ डॉ. अरविंद शाह का दावा है कि पिछले छह महीनों में निजी अस्पतालों के 1,200 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान किए गए हैं। उनके मुताबिक जून से अब तक 650 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। दूसरी ओर UPHDA का कहना है कि पोर्टल-1 में 1,200 करोड़ रुपये अटके हैं, जो काम ही नहीं कर रहा, जबकि पोर्टल-2 में 1,500 करोड़ रुपये की मंजूरी बाकी है।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने एक अक्टूबर से चारों शहरों के अस्पतालों के लिए NABH प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है। पहले यह शर्त एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन अस्पताल संचालकों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर समय मांगा था, जिसके बाद छह महीने की मोहलत मिली थी। अब विभाग ने साफ कर दिया है कि समय सीमा आगे नहीं बढ़ेगी।

यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में मंडला में ₹36 करोड़ तेंदूपत्ता बोनस का वितरण किया था। वहीं धान घोटाले में EOW की 90 FIR का मामला भी प्रदेश में चर्चा में है। इस खबर की विस्तृत जानकारी Free Press Journal की इस रिपोर्ट में पढ़ें।

Share This Article