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GST Council: 7 Oct को गिरफ्तारी शक्ति पर फैसला

Dainik R Times
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7 अक्टूबर को होने वाली 57वीं GST Council बैठक में एक बड़ा फैसला हो सकता है। बैठक में GST कानून के तहत अपराधों को अपराधमुक्त (decriminalise) करने और कर अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने The Indian Express की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में यह दावा किया है।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र और राज्यों ने पिछले 8-9 महीनों में कई दौर की बैठकें की हैं। इन चर्चाओं में केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर की भागीदारी भी रही। GST के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को व्यापारियों और उद्योग के लिए बड़ी बाधा माना जा रहा था।

असली धोखाधड़ी पर कार्रवाई जारी रहेगी

यह कदम इसलिए जरूरी माना जा रहा है क्योंकि हाल के समय में GST प्रावधानों के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारियां हुईं। उद्योग जगत के नेताओं ने इसे कर अधिकारियों का अतिरेक बताया था। उनका कहना था कि गिरफ्तारी का डर व्यापारियों को परेशान करने का हथियार बन गया है।

हालांकि, जानबूझकर की गई धोखाधड़ी पर कार्रवाई जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में अभियोजन होगा, लेकिन गिरफ्तारियां GST कानून के बजाय देश की आपराधिक संहिता, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत की जाएंगी।

Law Committee की सिफारिशें

GST Council की Law Committee ने भी आपराधिक प्रावधानों में बदलाव की सिफारिश की है। समिति ने अभियोजन की मौद्रिक सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। कुछ अपराधों में अधिकतम सजा घटाने पर भी सहमति बनी है।

लेकिन गिरफ्तारी की शक्ति पूरी तरह खत्म करने पर समिति में सहमति नहीं बन पाई। इसलिए अंतिम फैसला GST Council पर छोड़ दिया गया है। अगर Council प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो संसद के शीतकालीन सत्र में GST कानूनों में संशोधन लाया जाएगा।

यह बदलाव जुलाई 2017 में GST लागू होने के नौ साल से ज्यादा समय बाद कर व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। इससे पहले Nayara Energy ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए थे, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ा था। वहीं, राहुल गांधी का सत्याग्रह प्लेटफॉर्म भी हाल में चर्चा में रहा। 7 अक्टूबर की बैठक पर अब पूरे व्यापार जगत की नजरें टिकी हैं।

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