यूक्रेन ने रविवार को रूस के अंदर एक और बड़ा ड्रोन हमला किया। इस बार निशाना बना रूस की दिग्गज टेक कंपनी यांडेक्स का डेटा सेंटर, जो मॉस्को के पूर्व में व्लादिमीर शहर में स्थित है। हमले के बाद कंपनी ने खुद माना कि डेटा सेंटर का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। अच्छी बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।
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4 दिन में तीसरा हमला
यह चार दिनों के भीतर यांडेक्स के ठिकानों पर तीसरा हमला है। इससे पहले गुरुवार को सासोवो और शुक्रवार को कलुगा स्थित केंद्रों को निशाना बनाया गया था। लगातार हो रहे इन हमलों से रूस की डिजिटल बुनियादी ढांचा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
यांडेक्स को रूस का गूगल कहा जाता है। यह कंपनी रूस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में सबसे आगे है और उसके तीन एआई सुपरकंप्यूटरों में से दो सासोवो केंद्र में ही रखे गए हैं। इसलिए इन हमलों को सिर्फ एक कंपनी पर वार नहीं, बल्कि रूस की तकनीकी ताकत पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
कई देशों तक फैला असर
हमले का असर सिर्फ रूस तक सीमित नहीं रहा। दर्जनों रूसी शहरों में यांडेक्स की सेवाएं बाधित हुईं, जिससे टैक्सी बुकिंग और बैंकिंग जैसे काम ठप हो गए। इसके अलावा कजाकिस्तान, बेलारूस और आर्मेनिया में भी सेवाओं पर असर पड़ा। रूसी मीडिया आउटलेट के मुताबिक, कई शहरों में लोग घंटों तक सेवाओं के बहाल होने का इंतज़ार करते रहे।
यूक्रेन की रणनीति
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को ही कहा था कि यूक्रेन हमेशा आईने जैसा जवाब देता है। जानकारों का मानना है कि यूक्रेन अब रूस के उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो युद्ध के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था और तकनीक की रीढ़ हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों तरफ से हमले तेज़ हो गए हैं। कुछ दिन पहले रूस के हमले में ज़ापोरिज़्ज़िया में 17 लोगों की मौत हुई थी, जबकि अमेरिका और रूस के बीच डीज़ल सौदे को लेकर भी तनाव बढ़ा हुआ है।
