अतक। यमन (Yemen Shabwa attack) के दक्षिणी प्रांत शबवा में सोमवार को हूती विद्रोहियों के बैलिस्टिक मिसाइल हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है। यह हमला अल-आलम बेस के अंदर अहमद अल-सुलैमानी प्रशिक्षण केंद्र पर हुआ था, जहां आंतरिक सुरक्षा बल के नए रंगरूट प्रशिक्षण सत्र के लिए गठन में खड़े थे।
मंगलवार को शबवा के गवर्नर अवद इब्न अल-वजीर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मारे गए सभी लोग रंगरूट थे, जिनकी उम्र 18 से 20 साल के बीच थी। हमले के एक दिन बाद भी कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं।
Yemen Shabwa attack: गठन के समय हुआ मिसाइल हमला
प्रांतीय सरकार के बयान के मुताबिक हूती विद्रोहियों ने शिविर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले में 200 से ज्यादा रंगरूट घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर है। गंभीर घायलों को हदरमाउत और अदन के अस्पतालों में भेजा गया है।
गवर्नर ने बताया कि ये रंगरूट शबवा प्रांत की आंतरिक सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे, न कि युद्ध मोर्चे के लिए। उन्होंने कहा, “इसका मोर्चे से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने न किसी पर हमला किया था, न कहीं आगे बढ़े थे।”
तीन महीनों में सबसे घातक हमला
गवर्नर ने इसे तीन महीने पहले लड़ाई तेज होने के बाद का सबसे घातक हमला बताया। यमन में लड़ाई तब भड़की थी, जब जुलाई में सरकार और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती नियंत्रित सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए थे।
यही शिविर पहले संयुक्त अरब अमीरात समर्थित एक मिलिशिया के इस्तेमाल में था। यह जर्दन जिले में अतक के उत्तर में स्थित है और मारिब प्रांत से जुड़ी अहम आपूर्ति लाइन पर है।
कड़ी प्रतिक्रिया का आदेश, हूती ने ली जिम्मेदारी
राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशद अल-अलीमी ने हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया का आदेश दिया है। हूती विद्रोहियों ने अपने चैनल अल-मसीरा के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है, हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया।
इस खबर का मूल स्रोत: रिपब्लिक वर्ल्ड।
