भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शनिवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। Bhopal Nagar Nigam की यह बैठक आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में महापौर मालती राय और नए निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी मौजूद थे। शुरुआत में सरकार की ओर से नियुक्त 12 एल्डरमैन का परिचय कराया गया।
“मैं कमीशन नहीं लेती” पर बवाल
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने ऑडिट आपत्तियों के बावजूद किए गए भुगतानों पर सवाल उठाए। इसके बाद न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के चौथे तल पर बने हॉल को किराए पर देने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान जकी ने कहा, “मैं कमीशन नहीं लेती।” इस बयान पर भाजपा पार्षद भड़क गए।
एमआईसी सदस्यों रविंद्र यती, मनोज राठौर, सुषमा बवीसा, अशोक वाणी, आनंद अग्रवाल, जितेंद्र शुक्ला और जगदीश यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी घेर ली और जकी से माफी मांगने की मांग की। अध्यक्ष ने भी बिना तथ्यों के आरोप न लगाने की बात कहते हुए माफी के लिए कहा। जकी अपने बयान पर कायम रहीं और कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है।
विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षद भी आसंदी के पास पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में बैठक फिर शुरू हुई।
हंगामे के बीच प्रस्तावों पर मुहर
हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने कई प्रस्तावों को बहुमत से पारित घोषित किया। इनमें निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को 20 साल के लिए लीज पर देने का प्रस्ताव शामिल है। यह अवधि 10 साल और फिर 10 साल के नवीनीकरण के रूप में तय की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि निजी ट्यूबवेलों के 4 दूषित पानी के नमूने जांच में फेल हुए हैं। वहीं गंदे पानी की 901 शिकायतों का निराकरण किया गया है। दिशा सूचक बोर्डों से वर्ष 2025-26 में 9.14 करोड़ रुपये और इस वर्ष अब तक 6.79 करोड़ रुपये की आय होने की जानकारी भी दी गई।
वार्ड-5 के पार्षद अशोक मारण ने विसर्जन घाट पर खर्च की गई राशि और नए घाट के निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महापौर की घोषणा के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। पार्षद मो. सरवर ने सभी 85 वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक भर्ती करने की मांग की।
